ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

Bihar auto rickshaw route : बिहार में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए नई रूट और कोड व्यवस्था, ट्रैफिक जाम कम करने की पहल

बिहार सरकार ने शहरों में ट्रैफिक जाम और ऑटो/ई-रिक्शा के अनियंत्रित परिचालन को कम करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब राज्य के सभी जिलों में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के रूट, संख्या और ठहराव की जिम्मेदारी मुख्यालय स्तर पर तय की जाएगी।

Bihar auto rickshaw route : बिहार में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए नई रूट और कोड व्यवस्था, ट्रैफिक जाम कम करने की पहल
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar auto rickshaw route : बिहार के ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने शहरों में ट्रैफिक जाम और रोड ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुधारने के उद्देश्य से नई योजना तैयार की है। अब ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए मुख्यालय स्तर पर रूट तय किया जाएगा। इसके तहत यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन-सी सड़क पर कितनी ऑटो या ई-रिक्शा चलेंगी और उनका ठहराव (स्टॉपेज) कितनी दूरी पर होगा।


इस नए नियम के लागू होने के बाद राज्य के सभी जिलों में एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता डीएम करेंगे। इस कमेटी में नगर आयुक्त, ट्रैफिक अधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी और नगर निगम के अधिकारी भी शामिल होंगे। प्रमंडलीय आयुक्त इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे, ताकि योजना का सही ढंग से पालन हो। परिवहन विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और प्रमंडलीय आयुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कमेटी का प्रमुख कार्य यह होगा कि शहर की सड़कों की व्यस्तता और यातायात के हिसाब से ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या तय की जाए। प्रत्येक रूट पर कितनी गाड़ियां चलेंगी, इसे तय करने के बाद ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अलग-अलग रंग और कोड आवंटित किया जाएगा। इसमें लाल, पीला, नीला और हरा रंग शामिल होंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस रूट पर कौन-सी गाड़ियां संचालित होंगी।


यह कोडिंग और रंग व्यवस्था चालकों के लिए अनिवार्य होगी। यदि कोई ऑटो या ई-रिक्शा चालान तय रूट या नियमों का पालन नहीं करेगा, तो उसकी गाड़ी जब्त की जा सकती है। इसके साथ ही चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहरों में सड़क जाम कम हो और यातायात सुचारू रूप से चले।


बिहार परिवहन सचिव राज कुमार ने हाल ही में शहरों में लगने वाले जाम के मुद्दे पर संबंधित विभागों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि शहर की सड़कों पर जाम लगने का एक बड़ा कारण ऑटो और ई-रिक्शा का अनियंत्रित संचालन है। ई-रिक्शा को अक्सर परमिट नहीं दिया जाता है। लेकिन बिना परमिट के भी कई ई-रिक्शा चालकों द्वारा कुछ चुनिंदा सड़कों पर भारी संख्या में चलने से जाम की समस्या और बढ़ जाती है। वहीं, ऑटो चालकों के पास परमिट होने के बावजूद कई बार वे निर्धारित नियमों और रूट का पालन नहीं करते।


बिहार सरकार की यह नई पहल न केवल ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि शहरों में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए एक व्यवस्थित ढांचा भी प्रस्तुत करती है। रूट, संख्या, कोड और रंग व्यवस्था के माध्यम से ट्रैफिक नियंत्रण और सड़क सुरक्षा दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के लागू होने के साथ ही शहरों में यातायात का प्रवाह बेहतर होगा और यात्रियों के लिए सफर आसान और सुरक्षित बनेगा।

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें