Bihar crime : बिहार के औरंगाबाद जिले में असामाजिक तत्वों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। दाउदनगर थाना क्षेत्र के अकोढ़ा स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़ी तीन बसों को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते तीनों बसें जलकर खाक हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बसों का ढांचा पूरी तरह जल चुका था। इस घटना में बस मालिकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दाउदनगर थाना क्षेत्र के एनएच-139 पर स्थित अकोढ़ा के पास एक पेट्रोल पंप पर दो बसें दो दिन पहले से खड़ी थीं, जबकि मंगलवार को एक और बस वहां पार्क की गई थी। बताया जाता है कि पेट्रोल पंप की बिक्री कम रहने के कारण मंगलवार को कर्मियों ने रोजाना की तुलना में जल्दी, शाम पांच बजे ही पंप बंद कर दिया और सभी अपने घर चले गए। रात में पेट्रोल पंप पर कोई गार्ड या कर्मी मौजूद नहीं था। इसी मौके का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने तीनों बसों को आग लगा दी और मौके से फरार हो गए।
बताया जाता है कि रात करीब 10:30 बजे एनएच से गुजर रहे एक टैंकर चालक ने जलती हुई बसों को देखा। उसने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दाउदनगर थाना की पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची। आग इतनी भयानक थी कि दमकल कर्मियों को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। देर रात तक चलाए गए अभियान के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक तीनों बसें पूरी तरह जल चुकी थीं।
पुलिस के अनुसार, पेट्रोल पंप पर खड़ी दो बसें कझवा निवासी रघुवंश सिंह की थीं, जो हसपुरा से औरंगाबाद के बीच चलती हैं। वहीं तीसरी बस दाउदनगर निवासी मनोज सिंह की बताई जा रही है, जो दाउदनगर से अरवल के बीच परिचालित होती है। तीनों बसों के पूरी तरह जल जाने से मालिकों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद दोनों मालिक सदमे में हैं और उन्होंने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद दाउदनगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अशोक कुमार दास ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। पुलिस तकनीकी सहायता के जरिए अपराधियों की पहचान में जुटी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आगजनी की साजिश में शामिल लोगों का सुराग मिल सके।
एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला असामाजिक तत्वों की शरारत का प्रतीत होता है। सूचना संकलन का कार्य जारी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही दोषियों को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भी इसे बड़ी साजिश मान रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस आगजनी के पीछे की मंशा का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, दाउदनगर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और अपराधियों की धरपकड़ में लगी हुई है।






