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करगिल में ड्यूटी के दौरान पश्चिम चंपारण का ‘अग्निवीर’ मनीष शहीद, गांव में शोक की लहर

बिहार के पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के नवलपुर गांव निवासी अग्निवीर मनीष कुमार कारगिल में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है, जबकि ग्रामीणों ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

बिहार न्यूज
शहीद को सम्मान
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MOTIHARI: देश की सुरक्षा करते हुए बिहार का एक और वीर सपूत शहीद हो गया। पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड के नवलपुर गांव निवासी मोहन प्रसाद के पुत्र मनीष कुमार ( अग्निवीर) करगिल में ड्यूटी के दौरान 13 मार्च 2026 को शहीद हो गए। इस खबर के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।


मिली जानकारी के अनुसार मनीष कुमार अक्टूबर 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वे कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। ड्यूटी के दौरान करगिल क्षेत्र में उनकी शहादत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।


बताया जा रहा है कि शहीद मनीष कुमार का पार्थिव शरीर 15 मार्च की सुबह तक उनके पैतृक गांव नवलपुर पहुंचने की संभावना है। गांव में अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन भी अंतिम संस्कार को लेकर तैयारी में जुटा हुआ है।


मनीष कुमार अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे और उन्हीं की आय से पूरे परिवार का भरण-पोषण होता था। उनकी शहादत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार के लोगों का कहना है कि मनीष हमेशा देश सेवा का सपना देखते थे और उसी सपने को पूरा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।


इधर, गांव के लोगों ने बिहार सरकार से शहीद के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए, ताकि उनके परिजनों को आर्थिक सहारा मिल सके।


ग्रामीण राजन यादव ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मनीष ने देश के लिए अपनी जान दी है। ऐसे में सरकार का कर्तव्य है कि इस कठिन समय में उनके परिवार की मदद करे। उन्होंने यह भी मांग की कि घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शहीद के छोटे भाई को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए।


गांव के लोगों का कहना है कि मनीष की शहादत पर पूरे इलाके को गर्व है, लेकिन अब उनके परिवार की जिम्मेदारी सरकार और समाज दोनों को मिलकर उठानी चाहिए। शहीद के सम्मान में गांव में शोक के साथ-साथ गर्व का माहौल भी देखा जा रहा है।

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