Bihar Crime News: अवैध हथियार से जुड़े मामले की जांच कर रही एनआईए की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि नागालैंड के रास्ते चीन से घातक हथियार बिहार पहुंच रहे हैं। नागालैंड के दीमापुर से बिहार में एके 47 प्लाई करने वाले अहमद अंसारी और हथियार तस्कर विकास कुमार, हथियार खरीदने वाला देवमनी राय संयुक्त रुप से दीमापुर के रणजीत दास से जुड़े थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए म्यांमार के रास्ते विदेशी एक 47 नागालैंड लाने के मामले में दीमापुर निवासी रणजीत दास की भूमिका की जांच कर रही है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट और केस डायरी में इसका जिक्र किया है। एनआईए को आशंका है कि चीन से अवैध हथियारों की खेप नागालैंड लाई जा रही है। इस प्वाइंट पर भी एनआईए मामले की जांच कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी हथियारों की सप्लाई चेन को खंगालने में लगी हुई है।
अहमद अंसारी, विकास कुमार, सत्यम और देवमनी राय पर एके-47 के अलावा विदेशी रेगुलर पिस्टल की सप्लाई का भी शक है। जांच के दौरान विकास और उसके साथियों से बरामद पांच मोबाइल से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। मोबाइल में एके-47 के साथ-साथ विदेशी पिस्टल (जैसे ग्लॉक) की तस्वीरें भी पाई गईं, जिससे यह संकेत मिला कि ये लोग सेना और आईपीएस अफसरों को मिलने वाली ग्लॉक पिस्टल की तस्करी भी कर रहे थे। ग्लॉक जैसी प्रतिबंधित पिस्टल की अवैध सप्लाई को रोकने के लिए जांच एजेंसी ने विशेष कार्रवाई शुरू कर दी है।
विकास कुमार ने कबूला है कि उसने एके-47 हथियार के लिए अहमद अंसारी को 12 लाख रुपये दिए थे। बैंक खातों की जांच में कुल 38 लाख रुपये का लेनदेन सामने आया है, जिससे यह अंदेशा है कि एके-47 की एक से ज्यादा खेप दीमापुर से मंगाई गई हैं। एनआईए ने जेल में बंद आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है और अब मामले की आगे की गहराई से जांच जारी है।





