BHOJPUR: भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों ने रविवार को अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। भरत तिवारी की मां आशा देवी और बहन रुबी देवी ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आशा देवी 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
मीडिया से बातचीत में रुबी देवी ने कहा कि उनकी पहली मांग एनकाउंटर मामले में जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर परिवार आरोप लगा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनकी मां आशा देवी भूख हड़ताल जारी रखेंगी।
परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
रुबी देवी ने दूसरी मांग के रूप में परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जांच से पहले सूचना देने की अपील
परिवार की तीसरी मांग है कि इस मामले की जांच के लिए आने वाले अधिकारी पहले उन्हें सूचित करें, ताकि वे जांच में पूरा सहयोग कर सकें और आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा सकें।
दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
रुबी देवी ने आरोप लगाया कि गांव के कई निर्दोष लोगों पर पुलिस ने झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि गांव के 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार ने इन मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है।
बिना नंबर वाली गाड़ी से निगरानी का आरोप
परिवार ने यह भी दावा किया कि देर रात उनके घर के आसपास बिना नंबर प्लेट वाली कार से निगरानी की जा रही है। रुबी देवी ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध वाहन का फुटेज भी कैद हुआ है। उन्होंने प्रशासन से इसकी जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि वाहन किसका है और निगरानी का उद्देश्य क्या है। परिवार ने कहा कि उनकी सभी मांगों पर निष्पक्ष कार्रवाई होने तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।






