Bihar News: गर्मी की छुट्टियों का सीजन शुरू होते ही रेल यात्रियों की परेशानी भी चरम पर पहुंच गई है। खासकर बिहार के भागलपुर से देश के बड़े शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में इस वक्त हालात ऐसे हैं कि सीट मिलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और सूरत जैसे शहरों के लिए यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है।
प्रमुख ट्रेनों में ‘नो रूम’ जैसी स्थिति
भागलपुर से दिल्ली जाने वाली “विक्रमशिला एक्सप्रेस” की हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। इस ट्रेन में स्लीपर क्लास की वेटिंग लिस्ट 140 के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में जिन यात्रियों ने अभी तक टिकट बुक नहीं किया है, उनके लिए कंफर्म सीट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है।
इसी तरह मुंबई जाने वाली “एलटीटी एक्सप्रेस” में भी जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। इस ट्रेन के 3AC कोच में वेटिंग 100 से ऊपर चल रही है। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बेंगलुरु रूट पर भी हालात गंभीर
दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। भागलपुर से बेंगलुरु जाने वाली “अंग एक्सप्रेस” में भी भारी भीड़ है। इस ट्रेन के स्लीपर क्लास में वेटिंग लिस्ट 90 से ज्यादा पहुंच चुकी है।
खासकर छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल बन गई है, क्योंकि इसी रूट पर ट्रेनों की संख्या पहले से ही सीमित है। साहिबगंज-भागलपुर-किऊल रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों की कमी अब साफ तौर पर महसूस की जा रही है।
स्पेशल ट्रेनों से भी नहीं मिल रही राहत
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कुछ समर स्पेशल ट्रेनों की घोषणा जरूर की है, लेकिन इसका असर अभी सीमित ही नजर आ रहा है।
किऊल-मालदा टाउन के बीच चलने वाली “किऊल-मालदा मेमू स्पेशल (03204/03203)” को 13 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रतिदिन चलाया जा रहा है। इससे भागलपुर, सुल्तानगंज और जमालपुर के यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए यह पर्याप्त साबित नहीं हो रही।
दिल्ली और सूरत रूट पर सबसे ज्यादा दबाव
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली और सूरत रूट पर देखी जा रही है। इन रूटों पर स्लीपर क्लास की वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी हो गई है कि कंफर्म टिकट मिलना अब किसी लॉटरी से कम नहीं है।
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के हिसाब से और स्पेशल ट्रेनें चलाने पर विचार किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी
इस स्थिति में जो लोग समर वेकेशन में घर जाने या वापस लौटने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले से टिकट बुक कराने की सलाह दी जा रही है। आखिरी समय में टिकट लेने की कोशिश करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।





