बेतिया: पश्चिम चंपारण के बेतिया में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। लौरिया थाना क्षेत्र के बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर पराउ टोला बनकटवा के पास तेज रफ्तार एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आधे दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया।
बताया जा रहा है कि पराउ टोला में एक परिवार के घर नवजात बच्चे के छठियार का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। परिवार में नए सदस्य के आगमन की खुशी में आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और आसपास के ग्रामीण जुटे हुए थे। देर रात तक खुशी और जश्न का माहौल बना हुआ था।
इसी दौरान सड़क पर तेज रफ्तार से आ रही एक बस अचानक अनियंत्रित हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस चालक ने सामने जा रहे या आ रहे एक ट्रक से टक्कर बचाने की कोशिश की। इसी दौरान बस का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे मौजूद लोगों की भीड़ की तरफ बढ़ गई। देखते ही देखते बस सीधे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में घुस गई और वहां मौजूद कई लोगों को कुचल दिया।
बस के भीड़ में घुसते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। कुछ ही क्षणों में खुशी का माहौल दहशत और मातम में बदल गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे के बाद चारों तरफ घायल लोग और भगदड़ जैसी स्थिति दिखाई देने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में देवेंद्र दुबे भी शामिल बताए जा रहे हैं। सबसे दुखद बात यह है कि देवेंद्र दुबे के घर ही उनके नवजात बच्चे का छठियार कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिस परिवार के घर कुछ समय पहले बच्चे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी परिवार पर हादसे का ऐसा कहर टूटा कि जश्न का माहौल मातम में बदल गया।
हादसे में आधे दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। अस्पतालों में भी हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। यातायात डीएसपी अतनु दत्ता, नरकटियागंज एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह, सदर एसडीपीओ अजीत कुमार और लौरिया बीडीओ संजीव कुमार समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सात थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। कुछ ही देर में पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
इधर, हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त बस को क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों में हादसे को लेकर काफी नाराजगी देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना था कि बस काफी तेज गति से चल रही थी। गुस्साए लोगों ने सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया और कुछ लोगों ने ट्रक में रखे गैस सिलेंडरों में आग लगाने की भी कोशिश की।
हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल और अधिकारियों ने स्थिति को बिगड़ने से पहले संभाल लिया। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और गैस सिलेंडरों तक पहुंचने से रोक दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी बड़े उपद्रव की स्थिति को टाल दिया गया। इसके बावजूद घटनास्थल पर काफी देर तक तनाव और हंगामा जारी रहा।
पुलिस ने फिलहाल लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेने और पूरे मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि बस किस दिशा से आ रही थी, उसकी रफ्तार कितनी थी और ट्रक से टक्कर बचाने की कोशिश के दौरान आखिर किस तरह बस चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया।
इस हादसे ने पूरे पराउ टोला इलाके को गमगीन कर दिया है। जिस घर में नवजात बच्चे के छठियार को लेकर उत्सव मनाया जा रहा था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। एक ओर परिवार के सदस्य नवजात की खुशियों में शामिल थे, तो दूसरी ओर कुछ ही मिनटों में सड़क हादसे ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं।
फिलहाल मृतकों की पहचान और घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





