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4 रूपये किलो भी कोई आलू खरीदने को तैयार नहीं, गुस्साएं किसानों ने सड़क पर फेंक दिया आलू, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

BEGUSARAI: बेगूसराय के किसान इन दिनों काफी परेशान हैं। इन्हें अपनी फसल का लागत मूल्य भी नसीब नहीं हो पाया है। आलम यह है कि 4 रुपये किलों भी कोई आलू खरीदने को तैयार नहीं है। इस

4 रूपये किलो भी कोई आलू खरीदने को तैयार नहीं, गुस्साएं किसानों ने सड़क पर फेंक दिया आलू, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BEGUSARAI: बेगूसराय के किसान इन दिनों काफी परेशान हैं। इन्हें अपनी फसल का लागत मूल्य भी नसीब नहीं हो पाया है। आलम यह है कि 4 रुपये किलों भी कोई आलू खरीदने को तैयार नहीं है। इसी बात से गुस्साएं किसानों ने सड़क पर आलू फेंक दिया और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान एमएसपी की मांग सरकार से कर रहे हैं।


किसानों का कहना था कि यदि उनकी समस्याओं पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज होगा। किसान इस बात को लेकर परेशान हैं कि उन्हें ना तो आलू का उचित दाम मिल रहा है और ना ही आलू रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज में जगह ही मिल रही है। बछवाड़ा के रानी एक पंचायत के सैकड़ों किसानों ने झमटिया ढाला चौक के पास एनएच-28 पर आलू से भरे ट्रैक्टर लेकर पहुंचे और बोरी में भरे आलू को बीच सड़क पर फेंक दिया। आलू को रौंद कर कई वाहने गुजर गयी। पूरा आलू सड़क पर बर्बाद हो गया। 


इस दौरान किसान भी सड़क पर बैठ गये और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। किसानों ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एमएसपी की मांग सरकार से की। किसानों के विरोध प्रदर्शन से काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गयी। जिसके कारण एनएच-28 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी। आक्रोशित किसानों का कहना था कि आलू की खेती में जितना पैसा खर्च हुआ उसमें आधा पैसा भी नसीब नहीं हो पाया है। 


स्थिति ऐसी है कि कोल्ड स्टोरेज में भी आलू रखने की जगह नहीं मिल पा रही है और ना ही कोई 4 रुपये किलो बिक रहे आलू को ही खरीद पा रहे हैं। इन स्थितियों को देखते हुए किसानों ने कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो अगले साल से वे लोग आलू की खेती करना छोड़ देंगे। एक तो महंगाई की मार ऊपर से आलू का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों की कमर टूट गयी है। किसानों ने सरकार से आलू को एमएसपी के दायरे में लाकर मूल्य निर्धारण करने की मांग की है। किसानों का कहना है यदि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो वो सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज करेंगे।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता