BIHAR NEWS : बेगूसराय से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जागीर मोहल्ला वार्ड-21 में बुधवार की शाम नाली का गंदा पानी बहाने को लेकर दो पड़ोसी परिवारों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार मोहल्ले में रहने वाले छत्तीस राम, बत्तीस राम और मानिक राम अपने घर के बाथरूम का गंदा पानी अक्सर पड़ोसी के दरवाजे के सामने बहाते थे। इसी बात को लेकर कई बार आपत्ति जताई गई, लेकिन आरोपी बाज नहीं आए। बुधवार की शाम को भी जब गंदगी को लेकर पड़ोसी परिवार ने विरोध किया तो पहले महिलाओं के बीच कहासुनी हुई। थोड़ी ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि दबंगों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पड़ोसी परिवार पर हमला बोल दिया।
घायल चंदन कुमार और उनके भाई चंद्रप्रकाश ने बताया कि वे दोनों अपने पिता के साथ मेन बाजार न्यू मार्केट में चाय की दुकान चलाते हैं। सूचना मिलने पर जब वे घर पहुंचे और विवाद का कारण पूछा तो दबंगों ने लाठी, डंडा, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। चंदन ने आरोप लगाया कि लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किया गया, जिससे सिर फट गया। वहीं, चंद्रप्रकाश ने बताया कि उसकी आंख फोड़ने की नीयत से लाठी से वार किया गया। आंख तो बच गई, लेकिन गंभीर चोट लगी है।
हमले में सिर्फ दोनों बेटे ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। चारों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि छत्तीस राम, बत्तीस राम और मानिक राम दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और उनके घर पर अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इस कारण पूरा मोहल्ला दहशत में रहता है। घटना का वीडियो भी स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया है, जिसे पुलिस को सौंपने की बात कही गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। हालांकि, हमलावर घटना के बाद फरार हो गए। पीड़ित परिवार ने नगर थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। नगर थाना अध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो चुका है, जल्द ही एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि एक ओर सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर गंदगी का विरोध करने पर ही लोगों को अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। यह घटना साफ दिखाती है कि समाज में दबंगई और गंदगी की समस्या किस तरह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी फरार आरोपियों को पकड़कर सलाखों के पीछे भेज पाती है।






