Begusarai Hotel Case : बेगूसराय के होटल कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर दोनों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।मुख्य आरोपित रोहित कुमार को पुलिस ने समस्तीपुर के मोहद्दीनगर से दबोचा, जबकि दूसरे आरोपित विक्रम कुमार की गिरफ्तारी बेगूसराय शहर से पहले ही हो चुकी थी। रोहित को बेगूसराय लाने के दौरान उसके भागने की कोशिश और घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि एसपी मनीष ने पुलिस मुठभेड़ या एनकाउंटर की बात से साफ इनकार किया है।
बेगूसराय शहर के अलका सिनेमा के पास स्थित ब्लू डायमंड होटल के कमरे में युवती के साथ कथित मारपीट और दुष्कर्म के मामले में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया था। पीड़िता की शिकायत पर नगर थाने में 28 सितंबर को दो आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और एसआईटी की मदद से कार्रवाई तेज कर दी।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपित रोहित कुमार को समस्तीपुर जिले के मोहद्दीनगर से गिरफ्तार किया गया। जांच टीम को तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसके वहां मौजूद होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकाने पर कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
रोहित को गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस उसे बेगूसराय ला रही थी, इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस की गाड़ी से भागने की कोशिश की। जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर के पास गाड़ी धीमी होने के दौरान रोहित अचानक जीप से कूद गया। इसके बाद उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन गिरने से उसके पैर में चोट लग गई। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और इलाज के लिए पहले बछवाड़ा में प्राथमिक उपचार कराया। बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय में भर्ती कराया गया।
रोहित के घायल होने के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर मुठभेड़ की चर्चा शुरू हो गई। इस पर एसपी मनीष ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पुलिस और आरोपित के बीच किसी तरह की मुठभेड़ नहीं हुई है। उनके मुताबिक, रोहित ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की और इसी दौरान चोट लगी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपित आपस में साला-बहनोई हैं। मुख्य आरोपित रोहित कुमार भगवानपुर थाना क्षेत्र के दामोदरपुर वार्ड संख्या-4 निवासी उपेंद्र सहनी का पुत्र बताया गया है। वहीं दूसरे आरोपित विक्रम कुमार उर्फ बिक्रम सहनी लोहियानगर थाना क्षेत्र निवासी अरुण सहनी का पुत्र है। विक्रम को पुलिस ने बेगूसराय शहर से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी रिश्ते में साला और बहनोई है।पीड़िता सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्या है जिसे आरोपी झांसा देकर होटल में ले गए और हथियार के बल पर घंटों तक हैवानियत का खेल खेला।
जांच के दौरान पुलिस ने होटल का सीसीटीवी फुटेज और रिसेप्शन का इंट्री रजिस्टर भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर की फुटेज में रोहित कुमार सुबह करीब 7.01 बजे होटल ब्लू डायमंड के कमरा नंबर 203 में अकेले जाते दिखाई देता है। करीब 7.33 बजे पीड़िता होटल में प्रवेश करती है। दूसरी मंजिल पर पहुंचने के बाद दोनों की मुलाकात होती है और फिर दोनों साथ कमरे में जाते दिखाई देते हैं।
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, दोपहर करीब 12.33 बजे रोहित और पीड़िता दोनों कमरा नंबर 203 से एक साथ बाहर निकलते हैं। इस दौरान पुलिस ने होटल के आने-जाने से जुड़े फुटेज को भी जांच में शामिल किया है। पीड़िता का बयान भी न्यायालय में बीएनएस की धारा 183 के तहत दर्ज कराया गया है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो को लेकर है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में एक युवती के साथ कमरे के अंदर मारपीट दिखाई दे रही है। वीडियो में युवती चीखती-चिल्लाती नजर आती है और एक युवक उसके साथ मारपीट करता दिख रहा है। पुलिस ने इस वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
पुलिस के अनुसार, जिस व्हाट्सऐप नंबर से वीडियो वायरल किया जा रहा था, उसे ब्लॉक कराया गया है। अब जांच इस बिंदु पर भी आगे बढ़ रही है कि वीडियो किसने बनाया, इसे वायरल कैसे किया गया और इसके पीछे क्या मकसद था।मामले में एक और अहम पहलू दोनों के बीच संबंध को लेकर है। स्थानीय स्तर पर दोनों के बीच पहले से परिचय और कथित प्रेम संबंध की चर्चा है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। सीसीटीवी फुटेज में दोनों का होटल में साथ जाना और फिर साथ बाहर निकलना जरूर सामने आया है, लेकिन कमरे के भीतर वास्तव में क्या हुआ, मारपीट की नौबत क्यों आई और वीडियो किस परिस्थिति में बनाया तथा वायरल किया गया—इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल दोनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। प्राथमिकी के 24 घंटे के भीतर दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस घटना की पूरी कड़ी जोड़ने, वीडियो वायरल होने की वजह पता लगाने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।





