समस्तीपुर: बिहार में ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। समस्तीपुर जंक्शन से खुली वैशाली एक्सप्रेस के सेकेंड एसी कोच में एक महिला यात्री के साथ बदसलूकी और गहने लूटे जाने की शिकायत सामने आई है। महिला और उसके परिवार का आरोप है कि करीब 7 से 8 लोग ट्रेन खुलते ही कोच में घुसे और महिला को घेर लिया। विरोध करने पर उसके पति को भी गेट के पास रोक दिया गया। इसके बाद महिला के गले से करीब 5.10 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन और हीरे का पेंडेंट झपट लिया गया।
घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, महिला अपने पति के साथ वैशाली एक्सप्रेस के सेकेंड एसी कोच में यात्रा कर रही थी। समस्तीपुर स्टेशन से ट्रेन के रवाना होते ही कथित तौर पर कई लोग कोच में दाखिल हुए। महिला के परिवार का आरोप है कि इन लोगों ने महिला के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। पति ने इसका विरोध किया तो उन्हें कोच के गेट के पास ही रोक दिया गया।
इसी दौरान महिला को घेरकर उसके गले से सोने की चेन और हीरे का पेंडेंट छीन लिया गया। परिवार के मुताबिक, लूटे गए गहनों की अनुमानित कीमत करीब 5.10 लाख रुपये है। वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर बगल वाले कोच की ओर चले गए और वहां से ट्रेन से नीचे कूदकर फरार हो गए।
घटना के बाद महिला और उनके पति ने ट्रेन में मौजूद टीटीई से शिकायत की। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उन्हें तत्काल मदद नहीं मिली। इसके बाद रेलवे के हेल्पलाइन सिस्टम के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जा रहा है कि RPF की ओर से फोन कर घटना की जानकारी ली गई, लेकिन मौके पर तत्काल सहायता नहीं पहुंच सकी।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। महिला ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद दर्ज FIR को जांच के लिए समस्तीपुर भेजा गया है। अब रेल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान के लिए स्टेशन और आसपास के CCTV फुटेज खंगालने की तैयारी की जा रही है।रेल एसपी वीणा कुमारी के मुताबिक, घटना की जानकारी मिली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले में विशेष टीम गठित किए जाने की बात भी कही गई है।
इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि सेकेंड एसी जैसे कोच में 7 से 8 बाहरी लोग दाखिल कैसे हो गए? अगर आरोपियों ने ट्रेन खुलने के तुरंत बाद कोच में प्रवेश किया था तो उस वक्त स्टेशन और ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? दूसरा सवाल ट्रेन के अंदर मौजूद स्टाफ को लेकर है। शिकायत के बाद यात्रियों को तत्काल सहायता क्यों नहीं मिल सकी? वहीं, रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दिए जाने के बाद मौके पर मदद पहुंचने में देरी क्यों हुई, इसकी भी जांच जरूरी है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और वे सेकेंड एसी कोच तक कैसे पहुंचे। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।





