Bankipur BJP Candidate : पटना की राजनीति में शुक्रवार का दिन बेहद नाटकीय रहा। बांकीपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अंतिम समय में उम्मीदवार बदलकर सभी को चौंका दिया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि नए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा उस वक्त चुनावी माहौल में एक साधारण कार्यकर्ता की तरह बूथ पर पर्चियां बांट रहे थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ ही मिनटों में उनकी राजनीतिक जिंदगी का सबसे बड़ा मौका उनका इंतजार कर रहा है।
बताया जा रहा है कि नीरज कुमार सिन्हा चुनाव प्रचार के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ बूथ पर मतदाताओं को पर्चियां वितरित कर रहे थे। इसी बीच उनके मोबाइल पर पार्टी नेतृत्व का फोन आया। फोन पर उन्हें तुरंत पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचने को कहा गया। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह संगठन से जुड़ा कोई सामान्य निर्देश होगा, लेकिन जब वे कार्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पार्टी ने उन्हें बांकीपुर विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
इस अप्रत्याशित फैसले ने न केवल नीरज कुमार सिन्हा बल्कि वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को भी हैरान कर दिया। कुछ देर पहले तक जो नेता चुनाव में दूसरे उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे, वही अचानक खुद भाजपा के चेहरे के रूप में सामने आ गए।
टिकट मिलने पर क्या बोले नीरज कुमार सिन्हा
उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नीरज कुमार सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ जाएगी। उनके अनुसार भाजपा एक ऐसा संगठन है, जहां एक सामान्य कार्यकर्ता को भी मेहनत और समर्पण के आधार पर बड़ा अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर वे पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य बांकीपुर की जनता का विश्वास जीतना और भाजपा को बड़ी जीत दिलाना है।
बीजेपी कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत
टिकट की घोषणा के बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में नीरज कुमार सिन्हा का जोरदार स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाइयां खिलाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यालय में समर्थकों की भारी भीड़ जुटी और "भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद" तथा "नीरज कुमार सिन्हा जिंदाबाद" के नारों से माहौल गूंज उठा। वरिष्ठ नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए चुनाव में पूरी ताकत से जुटने का भरोसा दिलाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और बांकीपुर सीट पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे।
क्यों बदलना पड़ा उम्मीदवार?
दरअसल, भाजपा ने पहले बांकीपुर सीट से अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ 'बंटी' को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उनके इस फैसले के बाद पार्टी के सामने नया उम्मीदवार चुनने की चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने तेजी से मंथन किया और संगठन में लंबे समय से सक्रिय नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर सहमति बनी। पार्टी का मानना है कि नीरज जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं और संगठन के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं।
कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?
नीरज कुमार सिन्हा भाजपा के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी पहचान है और वे लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे हैं।संगठन में उनकी सक्रियता, कार्यकर्ताओं से मजबूत तालमेल और क्षेत्र में लगातार मौजूदगी को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले में उतारने का फैसला किया है।
अब जल्द करेंगे नामांकन
भाजपा की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नीरज कुमार सिन्हा अब जल्द ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे। पार्टी ने चुनावी रणनीति को तेज कर दिया है और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रचार अभियान को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीदवार बदलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि सभी कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना फैसला
बांकीपुर सीट पर अंतिम समय में उम्मीदवार बदलने का फैसला अब पूरे बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने संगठन के एक समर्पित कार्यकर्ता पर भरोसा जताकर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को भी बड़ा अवसर मिल सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीरज कुमार सिन्हा चुनाव मैदान में किस तरह अपनी रणनीति तैयार करते हैं और बांकीपुर की जनता उनके पक्ष में कितना समर्थन देती है। इतना जरूर है कि बूथ पर पर्चियां बांटते-बांटते अचानक विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार बन जाने की यह कहानी बिहार की राजनीति के सबसे दिलचस्प घटनाक्रमों में शामिल हो गई है।





