BHOJPUR: बखोरापुर स्थित बुनियादी विद्यालय परिसर में आज किसान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन समाजसेवी अजय सिंह के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत दीप जलाकर की गई और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस समारोह में हजारों की संख्या में किसान उपस्थित हुए और उन्हें सम्मानस्वरूप एक आम का पौधा, दो किलो मक्का बीज, एक किसान डायरी और कृषि गाइड बुक प्रदान की गई।
अजय सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि"मैं खुद किसान परिवार से हूँ, आपकी मेहनत को सलाम करता हूँ। आपकी समस्याओं को समझकर, हर समय आपके साथ खड़ा रहूंगा। आपका सम्मान ही मेरा संकल्प है।किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं,वो राष्ट्रनिर्माता भी है इसलिए हर वक्त किसानों के लिए उपलब्ध रहेंगे उनके साथ खड़े रहेंगे"
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों के योगदान को सम्मानित करना और उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. पी.के. द्विवेदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, “यदि किसानों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वे खेती में चमत्कार कर सकते हैं। हमें उनके साथ खड़े होकर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना होगा। बहुत से किसानों के हर समस्याओं और प्रश्नों पर उत्तर देते हुए उन्होंने मार्गदर्शन कर किसानों का हौसला बढ़ाया”
कार्यक्रम में समाजसेवी दिलीप सिंह,ग्राम सिन्हा समाजसेवी,उमेश सिंह पैक्स अध्यक्ष नेकनाम टोला,मोहन पांडेय और समाजसेवी अनिल सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बखोरापुर पंचायत के मुखिया रितेश कुमार सिंह, पूर्व आत्मा अध्यक्ष बड़हरा राम प्रताप सिंह, विनय प्रताप, सरपंच हरेंद्र सिंह, पंचायत समिति सदस्य गुड्डू सिंह (लवकुशपुर) भी समारोह में मौजूद रहे। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से मिथलेश जानकी जी (धर्म जागरण भोजपुर आरा), उर्मिला देवी (जगदेव नगर आरा), रीमा देवी और अमित कुमार सिंह,टिंकू सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
इस आयोजन में अजय सिंह के परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। उनकी माता श्रीमती देवकुमारी देवी, कंचन जी, बड़े भाई जितेंद्र सिंह और उनके भी सहभागिता ने यह दर्शाया कि यह आयोजन केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक था। कृषि सलाहकार उमेश राम और ग्राम के पूज्य संत विरनाथ बाबा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और मार्गदर्शक स्वरूप प्रदान किया।
समारोह के अंत में अजय सिंह ने स्वयं किसानों को भोजन परोसते हुए कहा कि किसान हमारे समाज की रीढ़ हैं, और उनका सम्मान करना हमारा धर्म है। यह आयोजन न केवल सम्मान का प्रतीक था, बल्कि यह विश्वास भी जगाता है कि यदि समाज का हर वर्ग किसान के साथ खड़ा हो, तो समृद्धि और आत्मनिर्भरता दूर नहीं।





