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रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों को नक्सलियों ने बनाया बंधक, JCB को आग के हवाले करने के बाद धमकीभरा पोस्टर चिपकाया

लेकिन औरंगाबाद पुलिस यह मानने को तैयार नहीं है कि यह नक्सली घटना है। एसपी का कहना है कि यह नक्सलियों की करतूत नहीं लग रही है, बल्कि असामाजिक तत्वों का काम हो सकता है, जिन्होंने नक्सलियों का नाम देने के लिए पोस्टर लगाया।

BIHAR POLICE
नक्सलियों की करतूत
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

Bihar News: औरंगाबाद में CRPF कैंप तक सड़क बना रही कंस्ट्रक्शन कंपनी के बेस कैंप पर नक्सलियों ने हमला बोलते हुए JCB को फूंक डाला। नक्सलियों ने पोस्टर चिपकाकर धमकी भी दी। अति नक्सल प्रभावित औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र में मेनबिगहा मोड़ से लंगुराही स्थित सीआरपीएफ कैम्प तक सड़क बनाये जाने से बौखलाए नक्सलियों ने सड़क निर्माण के कार्य में लगी कंपनी के बेस कैम्प पर ही हमला बोल दिया और इस दौरान एक जेसीबी को आग में फूंक डाला। घटना मदनपुर के दक्षिणी उमंगा पंचायत के चिल्हमी गांव के पास की है। 


मौके से पुलिस ने लाल और हरे रंग के स्केच पेन से लिखा एक पोस्टर भी बरामद किया है। पोस्टर में नक्सलियों ने चेतावनी दी है। मिली जानकारी के मुताबिक मैन बिगहा मोड़ से चिल्हमी गांव होते हुए सीआरपीएफ के लंगुराही स्थित कैम्प तक सड़क का निर्माण हो रहा है। सड़क निर्माण का ठेका लेने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी ने चिल्हमी गांव के पास ही बेस कैम्प बना रखा था। इसी बेस कैम्प पर बुधवार को देर रात नक्सलियों ने धावा बोला। नक्सलियों ने बेस कैम्प में रह रहे ठेकेदार के सभी कर्मचारियों को वही पर एक  कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद बेस कैम्प में खड़े एक जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया।


 घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने बेस कैंप के एक कमरे की दीवार पर पोस्टर भी चिपकाया। जिसे घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब्त कर लिया है। लाल और हरे रंग के स्केच पेन से लिखे पोस्टर में लाल सलाम-लाल सलाम, भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी माओवादी जिंदाबाद, सत्ता के द्वारा बनाया गया योजना कागजों पर सीमित है-इसलिए गरीब मजदूर एक है, पूंजीवादी योजना के लिए जल जमीन जंगल का दोहन बंद करो, सत्ता में बैठें पूंजीवादी दलाल गरीब मजदूर पर शोषण बंद करो, सामंतवादी पूंजीवादी पुलिस दलाल मुर्दाबाद एवं माफिया दलाल गठजोड़ सरकार मुर्दाबाद का नारा लिखा है। 


पोस्टर के अंत में  निवेदक के रूप में रिजनल कमिटी माओवादी(मध्य) लिखा हुआ है। नक्सली पोस्टर लगाए जाने से इलाके में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शी कंपनी के कर्मचारी छोटू कुमार ने बताया कि रात में कुछ लोग बेस कैंप पर आए और कहने लगे कि तुम सभी एक कमरे में चले जाओ और कमरा अंदर से बंद कर लो। इसके बाद हमलोग डर कर एक कमरे में जाकर बंद हो गए। इसके बाद उन्होंने क्या किया, वह नहीं जानते लेकिन काफी देर बाद जब वे लोग कमरे से बाहर निकले तो जेसीबी को जला हुआ देखा और दीवार पर पोस्टर चिपका नजर आया। रात में अंधेरा होने के कारण हमलावरों को वो पहचान नहीं सके। 


घटना की सूचना मिलने पर औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल, सदर एसडीपीओ-2 अमित कुमार एवं मदनपुर थानाध्यक्ष सदल बल मौके पर पहुंचे। मामले की छानबीन की और सड़क निर्माण कंपनी के कर्मियों से घटना की विस्तार से जानकारी ली। छानबीन के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह घटना नक्सलियों की करतूत नहीं लग रही है बल्कि असामाजिक तत्वों की करतूत है। मौके पर पोस्टर लगाकर घटना को नक्सलियों की करतूत का रंग दिया गया है। मौके से पुलिस ने तीन पोस्टर बरामद किया है, जिसमें कई तरह के नारे लिखे है। उन्होंने कहा कि जैसा कि कहा जा रहा है कि घटना नक्सली दस्ते ने अंजाम दिया गया है, लेकिन निर्माण कंपनी के कर्मियों द्वारा बताए गए हुलिए से पुलिस के पास उपलब्ध हुलिया मैच नहीं करता है। पुलिस मामले की गहराई से जांच में लगी है। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।