Bihar Electric Shock Death: औरंगाबाद शहर के शाहपुर मोहल्ले में बिजली का करंट लगने से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदने के दौरान बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया था. तार टूटने के बाद भी इसकी जानकारी मोहल्ले के लोगों को नहीं दी गई और बिजली कनेक्शन बंद नहीं कराया गया. इसी दौरान घर से बाहर निकले व्यक्ति की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई.
घटना रविवार सुबह नगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 26 स्थित शाहपुर मोहल्ले में रामलखन सिंह यादव कॉलेज के पास हुई. मृतक की पहचान शाहपुर निवासी संतन मेहता के बेटे बीरेंद्र कुमार मेहता उर्फ पिंटू के रूप में हुई है.
परिजनों के अनुसार, शाहपुर मोहल्ले में भारत सरकार की योजना के तहत बुडको की ओर से पाइपलाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है. इसके लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही थी. इसी दौरान ऊपर से गुजर रहा बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया. आरोप है कि तार टूटने के बाद पाइपलाइन का काम करा रहे ठेकेदार और कर्मचारियों ने इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को नहीं दी.
बिजली का कनेक्शन भी बंद नहीं कराया गया. रविवार सुबह बीरेंद्र कुमार घर से निकलकर बाउंड्री की तरफ टहलने गए थे. इसी दौरान वह टूटे हुए बिजली तार की चपेट में आ गए और करंट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
रास्ते से गुजर रहे लोगों ने देखा तो शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी. आवाज सुनकर स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बीरेंद्र की मौत हो चुकी थी. घटना की सूचना नगर थाना पुलिस को दी गई.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
बीरेंद्र कुमार मेहता घर पर रहकर खेती-बाड़ी का काम करते थे. परिवार में पत्नी शोभा देवी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है. वह चार भाइयों में सबसे बड़े थे. उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया.
मृतक के भाई ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के भाई शैलेंद्र कुशवाहा उर्फ मल्लू ने पाइपलाइन का काम करा रहे ठेकेदार और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जेसीबी से खुदाई के दौरान बिजली का तार टूट गया था. तार टूटने के बाद इसकी जानकारी तुरंत मोहल्ले के लोगों को दी जानी चाहिए थी और बिजली कनेक्शन बंद कराया जाना चाहिए था.





