Bihar News : लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में चौथी सोमवारी को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका पूरी तरह बदल दिया है। तीसरी सोमवारी को हुई दर्दनाक भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत के बाद इस बार प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार ने शुक्रवार को मंदिर परिसर पहुंचकर ट्रस्ट और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की आवाजाही, रेलवे व्यवस्था और बिजली समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिया गया।
पहली बार अरघा सिस्टम से होगा जलाभिषेक
अशोकधाम मंदिर में पहली बार अरघा सिस्टम लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर के बाहर से ही अरघा के माध्यम से बाबा इंद्रदमनेश्वर का जलाभिषेक कराया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से गर्भगृह के भीतर भीड़ का दबाव काफी कम होगा। साथ ही जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित रखना आसान होगा। मंदिर परिसर में भीड़ को रोकने और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई जाएगी।
रेलवे स्टेशन से जिगजैग रूट में जाएंगे श्रद्धालु
चौथी सोमवारी पर ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अशोकधाम रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में जिगजैग कतार बनाई जा रही है। स्टेशन पर उतरने के बाद श्रद्धालुओं को इसी निर्धारित रूट से मंदिर की ओर भेजा जाएगा।
स्टेशन के आसपास फूल, बेलपत्र और पूजा सामग्री खरीदने वाले श्रद्धालुओं को भी निर्धारित कतार में शामिल होना होगा। इसका उद्देश्य मुख्य सड़क और मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक भीड़ जमा होने से रोकना है।
पैदल आने वालों के लिए भी बदला रूट
बालगुदर और बीएड कॉलेज मोड़ की ओर से पैदल आने वाले कांवरियों को सीधे मंदिर की तरफ जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें निर्धारित रास्ते से घुमाकर रेलवे स्टेशन के जिगजैग सिस्टम में शामिल किया जाएगा।
इसके लिए प्रशासन ने सड़कों की मरम्मत, बिजली के खंभों को व्यवस्थित करने और संकरे रास्तों को मिट्टी भरकर चौड़ा करने का काम तेज कर दिया है। बिजली विभाग के कर्मियों को भी जरूरी सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक समय में एक ही ट्रेन का ठहराव
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे स्तर पर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। अशोकधाम स्टेशन पर एक समय में केवल एक ट्रेन के ठहराव की व्यवस्था रहेगी। पहली ट्रेन के प्लेटफॉर्म से रवाना होने के बाद ही दूसरी ट्रेन को स्टेशन पर लिया जाएगा।
इसके अलावा थ्रू ट्रेनों में चेन पुलिंग रोकने के लिए भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी ट्रेन के अचानक रुकने से स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ एक साथ न बढ़े।
पिछली घटना के बाद सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
तीसरी सोमवारी की सुबह जलाभिषेक के दौरान अशोकधाम मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। घटना की जांच के लिए एडीएम नीरज कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है।
डीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि चौथी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और मंदिर से लेकर रेलवे स्टेशन तथा आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
समीक्षा बैठक में एसडीएम प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, अशोकधाम मंदिर ट्रस्ट के सचिव डॉ. अमित कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का ही इस्तेमाल करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। चौथी सोमवारी पर अब यह नई व्यवस्था कितनी कारगर साबित होती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।





