ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

अररिया मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, जेल प्रशासन ने साधी चुप्पी, अस्पताल अधीक्षक बोले..डेड बॉडी का इलाज थोड़े ही ना होता है

ARARIA: अररिया मंडलकारा में एक विचाराधीन कैदी नरेश धरकार की संदिग्ध मौत हो गयी है। इस मामले पर जेल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया। ज

अररिया मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, जेल प्रशासन ने साधी चुप्पी, अस्पताल अधीक्षक बोले..डेड बॉडी का इलाज थोड़े ही ना होता है
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

ARARIA: अररिया मंडलकारा में एक विचाराधीन कैदी नरेश धरकार की संदिग्ध मौत हो गयी है। इस मामले पर जेल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया। जेलर हेम हेम्ब्रम ने बताया कि उसकी तबीयत खराब थी। इसलिए इलाज के लिए उसे अस्पताल भेजा गया था।


जबकि सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ जीतेन्द्र प्रसाद का कुछ अलग ही कहना है उन्होंने बताया कि कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था। सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जीतेंद्र प्रसाद ने कहा कि मंगलवार की सुबह डॉ. बीके मिश्रा ड्यूटी पर थे तब कैदी नहीं एक डेड बॉडी आई थी। 


डॉ. जीतेंद्र प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल में लाने से पहले ही कैदी की मौत हो चुकी थी। डेड बॉडी का इलाज थोड़े ही ना होता है। यदि अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई होती तो हमलोग डेथ सर्टिफिकेट देते। जाहिर है जेल प्रशासन इस मामले में कुछ ना कुछ छिपा रहा है। कैदी की संदिग्ध मौत पर जेल प्रशासन द्वारा खुलकर बातें नहीं रखी जा रही है। 


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें