ब्रेकिंग
Bihar MLC Result: नतीजा आने से पहले ही मोकामा में जश्न, सूरजभान सिंह के आवास के बाहर गूंजे पटाखे; नीरज कुमार की बढ़त ने बढ़ाया उत्साह✦Bihar MLC Result: नवल यादव से मदन मोहन झा तक... चारों सीटिंग MLC का पत्ता साफ, शिक्षक चुनाव में चौंकाने वाला रिजल्ट✦Bihar Politics : पटना MLC चुनाव में हार के बाद अनंत सिंह का बड़ा बयान, बोले- नीरज जीत चुके हैं, लेकिन बधाई नहीं देंगे; ‘नीरज से अदावत की वजह ‘दुलारचंद केस’!✦Bihar MLC Election Results: एमएलसी चुनाव में किसने मारी बाजी? पटना से दरभंगा तक जानें हर सीट का पूरा अपडेट✦Bihar Politics : 'मैं पढ़ा-लिखा नहीं, नीरज कुमार पढ़े-लिखे हैं...', अनंत सिंह बोले - दिल्ली जाकर मुझे फंसाया; JDU से बगावत नहीं, अनुज को मैं पहचानता तक नहीं था ✦Bihar MLC Result: नतीजा आने से पहले ही मोकामा में जश्न, सूरजभान सिंह के आवास के बाहर गूंजे पटाखे; नीरज कुमार की बढ़त ने बढ़ाया उत्साह✦Bihar MLC Result: नवल यादव से मदन मोहन झा तक... चारों सीटिंग MLC का पत्ता साफ, शिक्षक चुनाव में चौंकाने वाला रिजल्ट✦Bihar Politics : पटना MLC चुनाव में हार के बाद अनंत सिंह का बड़ा बयान, बोले- नीरज जीत चुके हैं, लेकिन बधाई नहीं देंगे; ‘नीरज से अदावत की वजह ‘दुलारचंद केस’!✦Bihar MLC Election Results: एमएलसी चुनाव में किसने मारी बाजी? पटना से दरभंगा तक जानें हर सीट का पूरा अपडेट✦Bihar Politics : 'मैं पढ़ा-लिखा नहीं, नीरज कुमार पढ़े-लिखे हैं...', अनंत सिंह बोले - दिल्ली जाकर मुझे फंसाया; JDU से बगावत नहीं, अनुज को मैं पहचानता तक नहीं था

Bihar Politics : 'मैं पढ़ा-लिखा नहीं, नीरज कुमार पढ़े-लिखे हैं...', अनंत सिंह बोले - दिल्ली जाकर मुझे फंसाया; JDU से बगावत नहीं, अनुज को मैं पहचानता तक नहीं था

बिहार की सियासत में अनंत सिंह ने फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने JDU से किसी भी तरह की बगावत से इनकार करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है। साथ ही नीतीश कुमार से अपने पुराने रिश्ते को भी याद किया।

Bihar Politics : 'मैं पढ़ा-लिखा नहीं, नीरज कुमार पढ़े-लिखे हैं...', अनंत सिंह बोले - दिल्ली जाकर मुझे फंसाया; JDU से बगावत नहीं, अनुज को मैं पहचानता तक नहीं था
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। जेडीयू नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपने ताजा बयान से एक बार फिर बिहार की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जनता ने उन्हें जो वोट दिया, वह उनके लिए बहुत मायने रखता है। हालांकि, उन्होंने पार्टी के खिलाफ किसी तरह की नाराजगी या विरोध से इनकार किया। अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी का विरोध नहीं किया और आगे भी पार्टी के खिलाफ नहीं जाएंगे।


अनंत सिंह ने कहा कि बिहार की जनता उन्हें प्यार करती है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, "जनता ने मुझे जो वोट दिया, वह बहुत वोट दिया है। पार्टी के बारे में मैंने कुछ नहीं बोला है। न हम कभी पार्टी के विरोध किए हैं और न करेंगे।" उनके इस बयान को हालिया विधान परिषद चुनाव में उनके रुख से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां उन्होंने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के बजाय अपने पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन का खुला ऐलान किया था। हालाँकि अब अनंत सिंह ने कहा कि वह जानते तक नहीं थे की अनुज सिंह कौन हैं। उनके आसपास के लोगों ने अनुज सिंह से मिलवाया था उसके बाद नीरज कुमार की खीस की वजह से इनको अपना समर्थन करने लगे।


अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें चुनाव के दौरान वोट बनाने का भी पर्याप्त समय मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से उनके खिलाफ राजनीतिक परिस्थितियां बनाई गईं, उसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था। नीरज कुमार की बेटी के दिल्ली में वकील होने का जिक्र करते हुए अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि इसी मामले को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना उम्मीदवार खड़ा किया था।


उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट बढ़ाने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया। अनंत सिंह ने कहा कि वोट बनाने का काम नीरज कुमार और दिलीप पटेल की ओर से किया गया। उनके इस बयान से साफ है कि विधान परिषद चुनाव को लेकर जेडीयू के अंदर चल रही खींचतान अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।


अनंत सिंह ने पार्टी से अपने रिश्ते को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के खिलाफ बयान नहीं दिया है। उनका निशाना सिर्फ व्यक्तिगत तौर पर नीरज कुमार पर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़े मामले में नीरज कुमार ने दिल्ली जाकर उन्हें फंसाने का काम किया था। अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं, जबकि वह खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए दोनों के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत समझ का अंतर है।


हालांकि, अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री रह चुके और जेडीयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के प्रति अपने पुराने लगाव को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार आज अच्छे स्वास्थ्य और स्थिति में होते तो पार्टी ने उनके साथ जो किया है, उसकी जानकारी उन्हें जरूर देते। अनंत सिंह ने साफ कहा कि नीतीश कुमार जब तक जीवित रहेंगे, तब तक वह उनसे मुलाकात करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी पार्टी में रहें या नहीं रहें, नीतीश कुमार से उनका व्यक्तिगत संबंध बना रहेगा।


अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद जेडीयू के अंदर और एनडीए की राजनीति में कई सवाल उठ रहे हैं। चुनाव से पहले ही अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया था।


अब चुनाव के बाद अनंत सिंह का यह कहना कि उन्होंने पार्टी का विरोध नहीं किया और उनका विरोध केवल नीरज कुमार से था, आने वाले दिनों की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान से यह संकेत भी मिल रहा है कि वह अपने राजनीतिक रिश्तों में पार्टी और व्यक्तिगत संबंधों को अलग-अलग रखकर देख रहे हैं।


फिलहाल अनंत सिंह के बयान ने जेडीयू की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। एक तरफ वह पार्टी के खिलाफ जाने से इनकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाकर उन्होंने अपनी नाराजगी भी खुलकर जाहिर कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस पूरे विवाद को किस तरह संभालता है, यह देखना दिलचस्प होगा।