PATNA: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पूरे चुनाव में यदि कोई नेता सबसे लोकप्रिय चेहरा रहा, तो वह तेजस्वी यादव थे। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने बूथ स्तर पर बहुत गहराई से विश्लेषण नहीं किया है, लेकिन जो नतीजे सामने आए हैं, उसके आधार पर यह साफ है कि तेजस्वी को जितने वोट मिलने चाहिए थे, उतने नहीं मिले।
अखिलेश यादव ने महागठबंधन की सोच की सराहना करते हुए कहा कि गठबंधन रोजगार देने की बात करता था और बिहार को विकसित राज्य बनाना चाहता था। साथ ही उन्होंने एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि “दूसरी तरफ के लोग सिर्फ डिवीजन यानी समाज को बांटने की बात कर रहे थे और पिछली बातों में उलझे थे।”
उन्होंने कहा कि जो विजन वाला नेता होता है वो आगे देखता है, और जो डिवीजन की राजनीति करता है, वो पीछे की बातों में उलझा रहता है। कांग्रेस महागठबंधन की साथी, क्षेत्रीय दलों को मिलकर चलना चाहिए।सपा प्रमुख ने आगे कहा कि महागठबंधन हो या इंडिया गठबंधन, इसकी बुनियाद यही है कि प्रत्येक राज्य में जो क्षेत्रीय दल मजबूत हैं, उसी के नेतृत्व में बाकी दल काम करें। उन्होंने कांग्रेस को गठबंधन का अहम साथी बताया।
गौरतलब है कि बिहार चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। वहीं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। तेजस्वी यादव मुश्किल से राघोपुर से अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे, जबकि उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव महुआ सीट हार गए। वही महागठबंधन के उपमुख्यमंत्री उम्मीदवार माने जा रहे मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी का सूपड़ा साफ हो गया और उसके सभी 13 उम्मीदवार हार गए। भाकपा को भी इस बार एक भी सीट नहीं मिली।





