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वर्दी का ख्वाब साकार कर रहे हैं अजय सिंह, फिजिकल की तैयारी के लिए युवाओं को दे रहे हाई जम्पिंग गद्दा

बड़हरा के युवाओं के सरकारी नौकरी के सपनों को नई उड़ान मिल रही है। उद्योगपति और समाजसेवी अजय सिंह ने गांव-गांव में हाई जंपिंग गद्दे मुहैया कराकर युवाओं को शारीरिक दक्षता की तैयारी में मदद कर रहे हैं। ताकि 'वर्दी पहनने' के ख्वाब को युवा पूरा कर सके।

BIHAR
सपनों को मिला सहारा
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

ARRAH: आरा के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सपना अब और भी नजदीक होता जा रहा है। इस बदलाव के पीछे हैं उद्योगपति और समाजसेवी अजय सिंह, जिन्होंने न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार देने का बीड़ा उठाया है, बल्कि सरकारी वर्दी की चाह रखने वाले युवाओं की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।


बखोरापुर निवासी और बिहार के उद्योग जगत में अपनी मजबूत पहचान बना चुके अजय सिंह ने युवाओं के हित में एक खास पहल की है। वे युवाओं को हाई जम्पिंग गद्दा (High Jumping Mattress) प्रदान कर रहे हैं, जिसकी सहायता से वे फिजिकल टेस्ट की तैयारियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इस विशेष गद्दे की कीमत करीब 25,000 रुपये बताई जा रही है, लेकिन युवाओं के लिए यह उनकी जिंदगी संवारने वाला औज़ार बन चुका है।


सपनों को मिला सहारा

अजय सिंह द्वारा मुहैया कराए गए इन गद्दों ने न केवल युवाओं के फिजिकल ट्रेंनिंग की मुश्किलें आसान कर दी हैं, बल्कि उनमें एक नया आत्मविश्वास भी भर दिया है। शुक्लपुरा, मानपुरा और दरियापुर जैसे गांवों के युवाओं ने जब इन गद्दों पर अभ्यास करना शुरू किया, तो उनकी आँखों में वर्दी पहनने का सपना और चमकने लगा।


युवाओं ने कहा, "वर्दी का ख्वाब पूरा करायेगा अजय सिंह का ख्याल।" उनका मानना है कि जहां कई बार संसाधनों की कमी उन्हें पीछे धकेल देती थी, वहीं अब अजय सिंह जैसे मार्गदर्शक ने उनके हौसलों को पंख दे दिए हैं।


रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

अजय सिंह सिर्फ खेल-कूद या तैयारी तक ही सीमित नहीं हैं। वे अपने औद्योगिक अनुभव का लाभ उठाकर क्षेत्र में नई फैक्ट्रियों की स्थापना कर रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें। उनका मानना है कि हर किसी को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती, लेकिन हर कोई स्वाभिमान से जीवन जरूर जी सकता है।


अजय सिंह की सोच, युवाओं की उड़ान

इस पहल ने यह दिखा दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो और समाज सेवा का जज्बा हो, तो कोई भी व्यक्ति क्षेत्र की युवाशक्ति को नई दिशा दे सकता है। अजय सिंह की यह सोच अब हजारों युवाओं की उम्मीद बन चुकी है।

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