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मुजफ्फरपुर में सोशियो इकोनॉमिक सर्वे का बड़ा खुलासा, सरकार के सारे दावे फेल, नहीं चलाया जागरुकता अभियान

MUZAFFFARPUR: जिले में सोशियो इकोनॉमिक सर्वे में बड़ा खुलासा हुआ है. इस सर्वे के मुताबिक जानलेवा बुखार को लेकर सरकार ने सही तरीके से जागरुकता अभियान नहीं चलाया. साथ ही कई परिवारों को

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MUZAFFFARPUR: जिले में सोशियो इकोनॉमिक सर्वे में बड़ा खुलासा हुआ है. इस सर्वे के मुताबिक जानलेवा बुखार को लेकर सरकार ने सही तरीके से जागरुकता अभियान नहीं चलाया. साथ ही कई परिवारों को सरकार की तरफ से दी जा रही मुफ्त एंबुलेंस सेवा का पता भी नहीं है. अब इस रिपोर्ट पर विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला है और रिपोर्ट को विधानसभा में उठाने की बात कही है. बेहद चौंकाने वाले हैं सर्वे जिले के 14 प्रखंडो में सोशियो इकोनॉमिक के जो रिपोर्ट आए हैं वो बेहद चौंकाने वाले हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस बीमारी की जानकारी देने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई. रिपोर्ट के मुताबिक जिस रात चमकी बुखार ने बच्चों पर अटैक किया उस रात बच्चे भूखे सोए. 289 बच्चों में से 61 बच्चे बीमार पड़ने से पहले रात में भूखे सोए. सरकार की सेवाओं की जानकारी नहीं सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 136 बच्चों के माता-पिता ऐसे हैं जिन्हें सरकार की तरफ से मुहैया करायी जा रही मुफ्त एंबुलेंस सेवा की जानाकार भी नहीं है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 205 बच्चे उन्हें ऐसे मिले जो बीमार पड़ने से पहले धूप में खेलने गए थे. गांवों की यह हालत तब है जब सरकार की तरफ से पूरे साल जागरुकता अभियान चलाए जाने का दावा किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक 289 पीड़ितों में से 170 घरों में शौचालय नहीं है. विपक्ष ने बोला हमला इस रिपोर्ट के आने के बाद विपक्षी पार्टी राजद ने सरकार पर हमला बोला है. पार्टी नेता और मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा सत्र में इस रिपोर्ट को जोर-शोर से उठाएगी. सरकार कराएगी जांच उधर सरकार में मंत्री मदन सहनी ने सोशल इकोनॉमिक रिपोर्ट पर दावा किया है कि मुझे नही लगता कि बच्चों के पास अनाज नहीं पहुंचेगा होगा. उन्होंने कहा कि जानकारी होते ही उन्होंने इस मामले की जांच का आदेश दिया है. मदन सहनी ने कहा खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव इस मामले की जांच कर रहे हैं.  
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