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बाढ़ के दौरान पीड़ितों के साथ डटी रही ये IAS की वाइफ और महिला मुखिया, अब मिलेगा ये नेशनल अवार्ड

PATNA: बिहार में वैसे तो सैकड़ों मुखिया है. लेकिन कुछ उनमें ऐसी भी महिला मुखिया हैं जो अपने काम को लेकर नेशनल स्तर पर चर्चा में बनी रहती हैं. जिसकी हम चर्चा कर रहे हैं वह सीतामढ़ी जिल

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PATNA: बिहार में वैसे तो सैकड़ों मुखिया है. लेकिन कुछ उनमें ऐसी भी महिला मुखिया हैं जो अपने काम को लेकर नेशनल स्तर पर चर्चा में बनी रहती हैं. जिसकी हम चर्चा कर रहे हैं वह सीतामढ़ी जिले के सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया और IAS की पत्नी रितु जायसवाल हैं. रितु ने अपने छोटे पंचायत में विकास की कई काम कराए जिसके कारण उनको कई बार अवार्ड मिल चुका है. इस बार फिर सिंहवाहिनी पंचायत का चयन भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के द्वारा हर साल दिए जाने वाले ""दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार 2019"" के लिए हुआ है. बाढ़ में जुटी रही लोगों की सेवा में पिछले माह इस पंचायत में भीषण बाढ़ आई थी. बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया. लेकिन ऐसे संकट की घड़ी में रितु खुद लोगों के साथ रही. बाढ़ के पानी में भी वह पंचायत का दौरा करती रही. लोगों की हर संभव मदद करती रही. यही नहीं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपने पंचायत के बाढ़ पीड़ितों को मदद की अपील करती रही. जिसका नतीजा रहा कि लोगों ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों ने मदद की. इस संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधि शहर में चले जाते हैं. जब आपदा खत्म होती है तो फिर लोगों के बीच जाते हैं. लेकिन रितु इसमें अलग हैं. वह लग्जरी लाइफ छोड़ बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी रही. रितु के पति अरूण कुमार कुछ माह पहले ही वीआरएस लिए हैं. लग्जरी लाइफ छोड़ बनी थी मुखिया रितु एक बार अपनी ससुराल गई थी। इस दौरान पंचायत की स्थिति देख बहुत दुखी हुई। उसके बाद इसको बदलने की जिद कर डाली। रितु ने पंचायत चुनाव में खड़ी हुई तो ग्रामीणों ने समझाया कि आपके कास्ट के वोट कम है। जीत दर्ज करना आसान नहीं है। लेकिन रितु ने जीत दर्ज की और पंचायत की सेवा में लग गई। वह लग्जरी लाइफ छोड़ पंचायत की सेवा में जुट गई। पति दिल्ली में रहते तो रितु पंचायत के लिए सिंहवाहिनी में रहने लगी। क्यों खास है यह पंचायत यह राष्ट्रीय सम्मान पंचायत में वहां की रितु जायसवाल के थीमेटिक कैटेगरी कम्यूनिटी बेस्ड आर्गेनाइजेशन इंडिविजुअल्स टेकिंग वोल्यून्ट्री एक्शन को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। खुले में शौच मुक्त अभियान को लेकर जागरूकता, बायो गैस प्लांट का निर्माण, बाढ़ जैसी भीषण आपदा में पंचायत के युवाओं की टीम के द्वारा मुखिया के नेतृत्व में की गई सेवा, बाल विवाह को रोकने के लिए सिलाई सेंटर की स्थापना, सैनिटरी पैड बैंक की स्थापना, घरेलू हिंसा को रोकने पर ग्रामीण स्तरीय कमिटी के द्वारा किए गए कार्य, विधवाओं को उनका अधिकार दिलाना, आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से आने वाले बच्चों के लिए आउट ऑफ स्कूल स्पोर्ट क्लास चलाना जैसे कार्यों को इस कैटेगरी में सम्मान देने के लिए पैरामीटर बनाया गए। सिंहवाहिनी के अलावे जहानाबाद के धरनई पंचायत एवं नालंदा के दामोदरपुर बलधा पंचायत का भी इस अवार्ड के लिए चयन हुआ है।  
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