PATNA : बिहार में वृद्धा पेंशन योजना की राशि कम होने का मामला आज एक बार फिर से सदन में उठा। विधान परिषद में कांग्रेस के विधान पार्षदों ने इस मामले पर ध्यानाकर्षण दिया था जिसका जवाब समाज कल्याण मंत्री ने सदन में दिया। विभागीय मंत्री के जवाब से जब कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा संतुष्ट नहीं हुए तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुद स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
वृद्धा पेंशन योजना के तहत बिहार सरकार की तरफ से कम राशि दिए जाने पर नीतीश कुमार ने विधान परिषद में कहा कि यह योजना केंद्र प्रायोजित है जिसके तहत एक व्यक्ति को केवल 400 रुपये की राशि मिलती है। इसके बावजूद बिहार सरकार इसमें अपना हिस्सा लगाते हुए ज्यादा राशि लाभार्थियों को मुहैया करा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जो सदस्य दूसरे राज्यों में दी जा रही राशि से बिहार की तुलना कर रहे हैं उन्हें बिहार के पर कैपिटा इनकम का भी ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा के सवालों से तिलमिलाये नीतीश कुमार ने उन पर यह तंज भी कसा कि वह दिल्ली में अपनी पार्टी के बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द ज्यादा वक्त देते हैं, आधारहीन सवाल करने से पहले सदन के सदस्यों को जमीन पर जाकर हकीकत समझना चाहिए। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को मदद देने की शुरुआत इसी महीने से कर दी है और सरकार का लक्ष्य है कि जिन्हें किसी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं मिलती उन्हें वृद्धजन पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए।
पटना से गणेश सम्राट की रिपोर्ट
पेंशन योजना की कम राशि पर बोले नीतीश, बिहार की आर्थिक हालात के मुताबिक लिया फैसला
PATNA : बिहार में वृद्धा पेंशन योजना की राशि कम होने का मामला आज एक बार फिर से सदन में उठा। विधान परिषद में कांग्रेस के विधान पार्षदों ने इस मामले पर ध्यानाकर्षण दिया था जिसका जवाब सम

