PATNA: बिहार से एईएएस को उखाड़ फेंकने के लिए सरकार ने कमर कस ली है. इसी बात को लेकर एक अणे मार्ग के संकल्प में सीएम नीतीश कुमार ने इस बीमारी के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ बैठक की. इस बैठक में पटना एम्स, आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर के डॉक्टरों के अलावा आयुर्वेद के डॉक्टर भी शामिल थे. सीएम नीतीश कुमार की तरफ से बुलाई इस बैठक में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी मौजूद थे.
विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ बैठक
बैठक के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि इस जानलेव रोग के असल कारणों का पता करना बेहद जरुरी है जिससे समय रहते लोगों की जान को बचाया जा सके. डॉक्टरों के साथ बातचीत के दौरान सीएम ने कहा कि सरकार इस बीमारी को लेकर एक सर्वे करा रही है और सर्वे रिपोर्ट आने के बाद सरकार इस बीमारी से बचाव के लिए और कारगर कदम उठाएगी.
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
सीएम ने कहा कि इस बीमारी से प्रभावित इलाकों में सभी परिवारों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका की मदद से सभी परिवारों को जोड़ा जा रहा है. लोगों को पीने का साफ पानी मिले इसलिए हर घर नल जल योजना चलायी जा रही है. बैठक के दौरान सीएम ने एलोपैथिक डॉक्टरों से इस बीमारी के बारे में और ज्यादा रिसर्च करने की बात कही.
पटना से राहुल सिंह की रिपोर्ट
AES को सूबे के उखाड़ फेंकने का नीतीश सरकार ने किया वादा, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की बुलायी बैठक
PATNA: बिहार से एईएएस को उखाड़ फेंकने के लिए सरकार ने कमर कस ली है. इसी बात को लेकर एक अणे मार्ग के संकल्प में सीएम नीतीश कुमार ने इस बीमारी के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ बैठक की. इस बै

