NEW DELHI: बिहार में इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत के मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने नीतीश सरकार के उठाये गये कदम पर संतुष्टि जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता को कोई और शिकायत है तो वो हाईकोर्ट जा सकता है.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि ‘हम यहां बैठकर डॉक्टरों की भर्ती नहीं कर सकते.' पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बिहार और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. दरअसल, याचिका में बिहार सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को विशेषज्ञों की एक मेडिकल बोर्ड गठित कर उसे तत्काल बिहार के मुजफ्फरपुर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भेजने का निर्देश देने की मांग की थी.
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में बिहार सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि मौसम में बदलाव और राज्य सरकार के प्रयास से बीमारी में काफी कमी आई है. राज्य सरकार बीमारी की वजह ढूंढने और दूरगामी समाधान करने में लगी है. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मसले को गंभीरता के साथ देख रहे हैं. हालांकि, बिहार सरकार ने माना था कि स्वास्थ्य विभाग में लोगों की बहुत कमी है.
इंसेफलाइटिस पर नीतीश सरकार के उठाये गये कदम से SC संतुष्ट
NEW DELHI: बिहार में इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत के मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने नीतीश सरकार के उठाये गये कदम पर संतुष्टि जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता को कोई

