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धरती की कक्षा से निकलकर चांद के रास्ते पर चला चंद्रयान-2

DESK: मंगलवार की रात 2 बजकर 21 मिनट पर चंद्रयान-2 धरती की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की ओर सफर शुरू कर दिया है. इसरो ने ट्रांस लूनर इंजेक्शन सफलता से पूरा कर लिया है. इस दौरान स्पेसक्र

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DESK: मंगलवार की रात 2 बजकर 21 मिनट पर चंद्रयान-2 धरती की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की ओर सफर शुरू कर दिया है. इसरो ने ट्रांस लूनर इंजेक्शन सफलता से पूरा कर लिया है. इस दौरान स्पेसक्राफ्ट का लिक्विड इंजन 1,203 सेकंड के लिए फायर किया गया जिससे 22 दिन तक धरती की कक्षा में रहने के बाद चंद्रयान-2 चांद की ओर निकल पड़ा है. चंद्रयान-2 चांद के रास्ते पर 6 दिन चलेगा और 4.1 लाख किलोमीटर की दूरी तय करते 20 अगस्त को चांद की कक्षा में पहुंचेगा. आपको बता दें कि चांद से धरती की दूरी 3.84 लाख किलोमीटर है. चंद्रयान-2 को चांद के रास्ते पर भेजने के लिए इसरो ने पहले धरती के इर्द-गिर्द उसकी कक्षा को बढ़ाया था जिसका आखिरी चरण 6 अगस्त को पूरा कर लिया गया था. चांद के करीब पहुंचने पर चंद्रयान-2 का प्रोपल्शन सिस्टम फिर से फायर होगा जिससे क्राफ्ट की गति धीमी हो जाएगी. इससे ये चांद की प्रारंभिक कक्षा में रुक जाएगा. फिर चांद की सतह से करीब 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रयान-2 चक्कर लगाएगा. प्रोपल्शन सिस्टम की मदद से चंद्रयान-2 की कक्षा को कम किया जाएगा. इसके बाद लैंडर विक्रम ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चांद की कक्षा में दाखिल हो जाएगा. लैंडर के 6 सितंबर को 30 किमी की दूरी पर पहुंचने के साथ ही चांद की सतह पर उतरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
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