PATNA: 2014 में रिटायर हुए IAS अधिकारी को सरकार ने 2019 में प्रमोशन दिया है. राज्य सरकार ने रिटायरमेंट के बाद अधिकारी को मुख्य सचिव पद पर प्रमोशन का लाभ देने का फैसला लिया है. सरकार ने आज इसकी अधिसूचना जारी की.
IAS कुमारेश चंद्र मिश्र का है मामला
बिहार कैडर के IAS कुमारेश चंद्र मिश्र 2014 में ही रिटायर कर गये हैं. 1977 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कुमारेश ज्यादातर बिहार से बाहर ही पोस्टेड रहे. लंबे अर्से तक केंद्र सरकार ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ में भी तैनात किये रखा. विदेश में ही उनकी पोस्टिंग के दौरान उनके सेवा को लेकर बखेड़ा हुआ था.
6 साल तक सेवा से गायब रहे थे कुमारेश
कुमारेश चंद्र मिश्र संयुक्त राष्ट्र संघ में अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान 1996 में सेवा से गायब हो गये. जनवरी 2002 तक सरकार के पास उनकी कोई खोज खबर नहीं थी. लिहाजा सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाया. विभागीय कार्यवाही के आधार पर उनका प्रमोशन और दूसरे लाभ रोके गये थे. बाद में उनके आवेदनों के आधार पर उनकी अनुपस्थिति को मैनेज करने की कवायद शुरू की गयी. केंद्र सरकार ने ये मान लिया कि तीन सालों तक वे संयुक्त राष्ट्र संघ में तैनात थे. बाकी बची अवधि को भी उनके उपार्जित और असाधारण अवकाश के तौर पर स्वीकृत कर लिया गया. सरकार की इस पूरी कवायद के बाद उन्हें प्रमोशन के योग्य माना गया. आज सरकार ने उन्हें 2011 में ही मुख्य सचिव के समकक्ष प्रमोशन देने का फैसला लिया. लिहाजा 2011 से रिटायरमेंट तक उन्हें मुख्य सचिव का दर्जा देते हुए उसका लाभ देने का फैसला लिया गया है. सरकार की इस पूरी कवायद से रिटायर्ड IAS को एरियर के तौर पर मोटी धनराशि की प्राप्ति होगी.
रिटायरमेंट के 5 साल बाद IAS को मिला प्रमोशन, सेवानिवृत होकर मिला मुख्य सचिव का दर्जा
PATNA: 2014 में रिटायर हुए IAS अधिकारी को सरकार ने 2019 में प्रमोशन दिया है. राज्य सरकार ने रिटायरमेंट के बाद अधिकारी को मुख्य सचिव पद पर प्रमोशन का लाभ देने का फैसला लिया है. सरकार

