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बैठकों और कैमरे पर होता रहा क्राइम कंट्रोल का दावा, पटना में 30 दिन में 30 कत्ल, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

PATNA : पुलिस महकमा भले ही क्राइम कंट्रोल करने को लेकर लाख दावे कर ले लेकिन जो जमीनी हकीकत है वो किसी से छिपी नहीं है. अन्य जिलों की बात छोड़िए पटना का सारा तामझाम रहने के बावजूद भी ह

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PATNA : पुलिस महकमा भले ही क्राइम कंट्रोल करने को लेकर लाख दावे कर ले लेकिन जो जमीनी हकीकत है वो किसी से छिपी नहीं है. अन्य जिलों की बात छोड़िए पटना का सारा तामझाम रहने के बावजूद भी हर रोज 1 कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया है. 30 दिन 30 मर्डर एक आंकड़े के मुताबिक जून महीने में बिहार की राजधानी पटना में हर रोज एक कत्ल की वारदात को अपराधियों ने अंजाम दिया है. आंकड़े के मुताबिक 30 दिन में अपराधियों ने 30 मर्डर की वारदात को अंजाम दिया है. 30 दिन 33 लूट पुलिस की वर्दी के खौफ को अपराधी नकार चुके हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि अपराधियों के मनसूबे कितने बढ़ गए हैं. पटना में पुलिस का सारा तामझाम होते हुए भी अपराधियों ने 30 दिन में 33 लूट की वारदात को अंजाम दिया है. सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इन वारदातों में 70 फीसदी वारदात दिनदहाड़े या सरेशाम हुए. अब लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अपराधियों पर लगाम लगाने के सारे दावे बैठकों और कैमरे के सामने होता रहा?
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