ब्रेकिंग
बांका में डबल मर्डर: बाइक सवार दो युवकों की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या, घटनास्थल से 10 से अधिक खोखे बरामदबांकीपुर उपचुनाव में 6000 वोट भी नहीं मिलेगा: प्रशांत किशोर पर कांग्रेस ने कसा तंजबांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार उतारेगी RLJP, प्रिंस पासवान का ऐलानदुबई से मुंबई पहुंची महिला के पास 4 KG सोना बरामद, पैंट में छिपाए थे 6 करोड़ के गोल्ड बार, DRI ने किया गिरफ्तारसिपाही बहाली परीक्षा पेपर लीक मामले में EOU की बड़ी कार्रवाई, दो सिपाही व गैंग के अन्य सदस्य गिरफ्तारबांका में डबल मर्डर: बाइक सवार दो युवकों की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या, घटनास्थल से 10 से अधिक खोखे बरामदबांकीपुर उपचुनाव में 6000 वोट भी नहीं मिलेगा: प्रशांत किशोर पर कांग्रेस ने कसा तंजबांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार उतारेगी RLJP, प्रिंस पासवान का ऐलानदुबई से मुंबई पहुंची महिला के पास 4 KG सोना बरामद, पैंट में छिपाए थे 6 करोड़ के गोल्ड बार, DRI ने किया गिरफ्तारसिपाही बहाली परीक्षा पेपर लीक मामले में EOU की बड़ी कार्रवाई, दो सिपाही व गैंग के अन्य सदस्य गिरफ्तार

‘सड़क’ पर शिक्षा व्यवस्था! देख लीजिए नीतीश कुमार...आपके आवास से चंद कदम की दूरी पर फुटपाथ पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं नौनिहाल

PATNA: </

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

PATNA: बिहार की शिक्षा व्यवस्था ‘सड़क पर है, जी हां..ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि CM आवास से चंद कदम की दूरी पर फुटपाथ पर बैठकर पढ़ने को मजबूर देश के नौनिहालों की ये तस्वीर इस बात की तस्दीक कर रहा है.


चंद कदमों की दूरी पर जहां सूबे के सीएम नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री खुद रहते हों, उसी जगह फुटपाथ पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर इन नौनिहालों की तस्वीरें सूबे की शिक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा है. सरदार पटेल गोलंबर स्थित प्राथमिक विद्यालय के सैकड़ों बच्चे फुटपाथ पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. 


दरअसल 2 दिन पहले पटना में हुई बारिश के बाद प्राथमिक विद्यालय में घुटने भर पानी भर गया था. दो दिन बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से स्कूल से पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की गई. लिहाजा स्कूल के शिक्षकों ने सड़क पर ही क्लास लगा दी.


ये तस्वीरें बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है. सवाल सूबे के मुखिया से है, सवाल सूबे के शिक्षा मंत्री से है, सवाल सूबे की शिक्षा व्यवस्था से है. सवाल ये है कि आखिर दो दिनों के बाद भी स्कूल से पानी क्यों नहीं निकाला गया. सवाल ये है कि आखिर सड़क पर बैठाकर बच्चों को पढ़ने के लिए क्यों मजबूर किया गया. ये सारे ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब सूबे की सरकार को देना है.

रिपोर्टिंग
G

रिपोर्टर

Ganesh Samrat

FirstBihar संवाददाता