ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar news : बिहार में फिर से एक्टिव होगी रणवीर सेना? NEET छात्रा मामले में ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू ने सरकार को दी चेतावनी, कहा - 26 तक का है इंतजार, उसके बाद होगा... Bihar Police : मारब सिक्सर के 6 गोली..: इसी गाने पर डांस करती दिखीं बिहार की कई महिला जवान, पुलिस कैंप का वीडियो वायरल Patna NEET student case : बिना पर्चे कैसे मिली नींद की गोली, ट्रेन छोड़ स्कॉर्पियो से क्यों पटना आई छात्रा; SIT जांच में नया एंगल; जानिए नीट छात्रा मामले में क्या है नया अपडेट Patna encounter : पटना में लॉरेंस गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार; 36 से अधिक केस दर्ज Bihar Aaj Ka Mausam: बिहार में ठंड और कोहरे से राहत, अगले एक हफ्ते मौसम रहेगा साफ मुजफ्फरपुर: मनीष राज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, कुख्यात कन्हाई ठाकुर समेत 6 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: अंजनी कुमार सिंह बने नगर थानाध्यक्ष, शरत कुमार को सदर की कमान दारोगा भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, महिला सिपाही समेत 4 हिरासत में बिहार में बढ़ते क्राइम के लिए BJP ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया, कहा..जब से तेजस्वी विदेश से लौटे हैं, तब से अपराध बढ़ गया है कटिहार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव

Magh Gupta Navratri 2025: माघ गुप्त नवरात्र 2025; महत्व, तिथियां और पूजा विधि

गुप्त नवरात्र हिंदू धर्म में साधना, तप और देवी दुर्गा की उपासना का विशेष पर्व है। यह पर्व साल में दो बार आता है—माघ और आषाढ़ मास में।

Magh Gupta Navratri 2025

15-Jan-2025 10:36 PM

By First Bihar

Magh Gupta Navratri 2025: हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्र का व्रत और पूजा विशेष महत्व रखते हैं। यह व्रत गुप्त साधनाओं और देवी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। गुप्त नवरात्र वर्ष में दो बार मनाए जाते हैं - माघ और आषाढ़ महीने में। इस व्रत का पालन कठिन उपवास और गहन भक्ति के साथ किया जाता है। इस वर्ष माघ गुप्त नवरात्र 30 जनवरी, 2025 से प्रारंभ होंगे।


माघ गुप्त नवरात्र 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

शुक्ल प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 29 जनवरी, 2025, शाम 6:05 बजे

शुक्ल प्रतिपदा तिथि समाप्त: 30 जनवरी, 2025, शाम 4:01 बजे


कलश स्थापना (घट स्थापना) के शुभ मुहूर्त:

सुबह 9:25 बजे से 10:46 बजे तक

दोपहर 12:13 बजे से 12:56 बजे तक


गुप्त नवरात्र व्रत और पूजा विधि

सुबह की तैयारी:

सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

पूजा स्थल और घर की अच्छी तरह से सफाई करें।


कलश स्थापना:

शुभ मुहूर्त के अनुसार एक वेदी पर देवी की प्रतिमा स्थापित करें।

कलश को जल, आम के पत्ते, नारियल और दूर्वा से सजाकर स्थापित करें।


आराधना और भोग:

देसी घी का दीपक जलाएं और देवी को गुड़हल के फूल अर्पित करें।

देवी को सिंदूर, पंचामृत, नारियल, चुनरी, फल और मिठाई का भोग लगाएं।

माता की आरती और मंत्र जाप करें।


विशेष नियम:

इन दिनों तामसिक भोजन (मांसाहार और लहसुन-प्याज) का सेवन न करें।

संयम और शुद्ध आचरण का पालन करें।


माघ गुप्त नवरात्र का महत्व

गुप्त नवरात्र में देवी दुर्गा की गुप्त रूप से साधना की जाती है, जिससे साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत न केवल आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाता है बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि भी लाता है।

इन नौ दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न रूपों का ध्यान करें।

मंत्र जाप जैसे "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे" का उच्चारण करें।

संध्या समय ध्यान और आरती अवश्य करें।

इस माघ गुप्त नवरात्र, देवी दुर्गा की कृपा से अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आह्वान करें।