पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने पीएम मोदी से मांगा इस्तीफा, अमेरिका का नाम लेकर पूछे तीखे सवाल पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने पीएम मोदी से मांगा इस्तीफा, अमेरिका का नाम लेकर पूछे तीखे सवाल Nishant Kumar :कोई एक्टर, कोई क्रिकेटर… अब इंजीनियर साहब की पॉलिटिकल एंट्री; निशांत के सामने सबसे बड़ी परीक्षा —खुद को बनाना नंबर-वन आइडेंटिटी ‘खुद को सीएम नहीं, पीएम समझती हैं ममता बनर्जी’, राष्ट्रपति पर टिप्पणी को लेकर भड़के गिरिराज सिंह Bihar News: होली मनाने ससुराल गए युवक का पेड़ से लटका मिला शव, हत्या की आशंका Bihar Crime News: मछली मारने से मना करने पर मुखिया को कीचड़ में पटक कर पीटा, मारपीट का वीडियो वायरल Bihar Crime News: मछली मारने से मना करने पर मुखिया को कीचड़ में पटक कर पीटा, मारपीट का वीडियो वायरल Bihar News: गूंगी महिला से छेड़खानी के आरोप में युवक का सिर मुंडवाया, कालिख पोतकर पूरे गांव में घुमाया बिहार होमगार्ड की महिला जवानों की दबंगई: बस का किराया मांगने पर दिखाया वर्दी का रौब, बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा Bihar Road Accident : पटना में तेज रफ़्तार का कहर ! बालू लदे ट्रैक्टर से टकराई बाइक, इलाके में मची अफरातफरी
03-Feb-2025 06:40 AM
By First Bihar
Jaya Ekadashi 2025: सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु के विशेष पूजन का दिन मानी जाती है। हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी को विशिष्ट पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व है। एकादशी व्रत का पालन करने से साधक की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
जया एकादशी का महत्व:
माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस दिन व्रत रखने से न केवल भौतिक सुख प्राप्त होते हैं, बल्कि आत्मिक शांति और मानसिक शुद्धता भी मिलती है। एकादशी के व्रत से साधक को जीवन के समस्त दुखों और संकटों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही यह व्रत पापों से मुक्ति का भी उपाय माना जाता है।
जया एकादशी कब मनाई जाती है?
जया एकादशी का व्रत माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में यह तिथि 7 फरवरी को रात 9:26 बजे से प्रारंभ होगी और 8 फरवरी को रात 8:15 बजे तक रहेगी। हालांकि, एकादशी की तिथि सूर्योदय से मानी जाती है, इसलिए जया एकादशी 8 फरवरी को मनाई जाएगी।
जया एकादशी व्रत पूजा विधि:
स्नान और शुद्धता: इस दिन प्रातःकाल उठकर नित्य कर्मों के बाद शुद्ध होकर व्रत की शुरुआत करें। पवित्रता का ध्यान रखते हुए भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
व्रत का संकल्प: एकादशी का व्रत लेने के लिए मन में दृढ़ संकल्प करें। व्रत के दौरान विशेष आहार-न्यास का पालन करें, जैसे अन्न का त्याग और फलाहार का सेवन।
भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा: इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा करनी चाहिए। दीपमालिका, अगरबत्ती, पुष्प और फल अर्पित करें।
प्रसाद का वितरण: पूजा के बाद, श्रद्धा भाव से प्रसाद का वितरण करें। खासकर ब्राह्मणों को भोजन कराने का महत्व है।
शुभ मुहूर्त (Jaya Ekadashi 2025):
सूर्योदय: सुबह 7:05 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:06 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 1:50 बजे
चंद्रास्त: सुबह 4:44 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:21 बजे से 6:13 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:26 बजे से 3:10 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:04 बजे से 6:30 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक
जया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा का अवसर है। इस दिन व्रत और पूजा करने से न केवल भौतिक सुख प्राप्त होते हैं, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति भी मिलती है। इस दिन के व्रत का पालन करने से साधक को जीवन में सुख-समृद्धि, धन, और पापों से मुक्ति मिलती है।