कुमार प्रबोध का ब्लॉग: पप्पू यादव खुद के लिए कब खड़े होंगे? भीड़ और भरोसे का फर्क समझना ही होगा अरवल में भीषण सड़क हादसा: शिव चर्चा से लौट रहे श्रद्धालुओं का ऑटो ट्रक से टकराया, दो महिलाओं की मौत बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर तेजस्वी यादव ने NDA सरकार को घेरा, कहा..अपराधियों और सत्ताधारी नेताओं के गठबंधन में पीस रही जनता मुजफ्फरपुर में राइफल क्लब का उद्घाटन: युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी के अवसर समस्तीपुर में कोचिंग टीचर की गोली मारकर हत्या, घटना से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा पुलिस की वर्दी में रील बनाना पड़ गया महंगा, 4 वीडियो क्रिएटर गिरफ्तार बिहार में जमीन खरीदना होगा महंगा!, अप्रैल से निबंधन दर में चार गुना बढ़ोतरी की संभावना, MVR भी बढ़ेगा 6-lane bridge : पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा आसान, होली के बाद शुरू होगा यह 6-लेन पुल; CM नीतीश ने किया निरीक्षण Bihar Attendance App : बिहार में टीचर के अटेंडेंस को लेकर शिक्षा विभाग का नया आदेश, मंगलवार से हर हाल में करना होगा यह काम Bihar expressway : बिहारवासियों को मिली बड़ी सौगात, अब महज दो घंटों में तय होगी 5 घंटों वाली दूरी; शुरू होने जा रहा यह एक्सप्रेसवे
19-Oct-2025 01:25 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आरजेडी में टिकट बंटवारे के बीच नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है। बाराचट्टी विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहीं आरजेडी नेत्री उषा देवी गुरुवार को पटना स्थित राबड़ी देवी आवास पहुंचीं और मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक हो गईं।
उषा देवी ने रोते हुए कहा कि, लालू प्रसाद यादव जी हमारे पिता समान हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि 'तुमको हम विधानसभा भेजेंगे, घबराओ मत'। मैंने पार्टी के लिए पूरी मेहनत की, लेकिन फिर भी मुझे टिकट नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि, "मैं आज भी बस यही कह रही हूं कि लालू जी आप हमारे पिता तुल्य हैं, आप ही सब कुछ कीजिए।
हालांकि टिकट न मिलने से वे स्पष्ट रूप से आहत थीं, लेकिन उन्होंने पार्टी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। उल्टा उन्होंने साफ किया कि वे चुनाव में आरजेडी के लिए प्रचार करेंगी और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखेंगी। उधर, मधुबन विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रहे आरजेडी कार्यकर्ता मदन शाह अचानक 10, सर्कुलर रोड स्थित लालू-राबड़ी आवास पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन करने लगे।
मदन शाह ने गेट के सामने अपना कुर्ता फाड़ लिया और ज़मीन पर लेटकर रोने लगे। उन्होंने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरजेडी ने उनसे टिकट के बदले पैसे मांगे थे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पार्टी ने उनका टिकट काटकर डॉ. संतोष कुशवाहा को दे दिया।