मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, लड़की के भाई और दोस्त को पुलिस ने दबोचा राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार गोपालगंज पुलिस ने पशु तस्कर गिरोह का किया भंडाफोड़, सात गिरफ्तार Bihar Board Matric Result 2026: आंगनबाड़ी सेविका और किसान का बेटा बना स्टेट टॉपर, मैट्रिक परीक्षा में 8वां रैंक किया हासिल पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर
11-Feb-2021 10:12 AM
By ASMEETH
PATNA : नीतीश कैबिनेट के विस्तार के बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायक के ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की नाराजगी सामने आई थी. ज्ञानू ने आरोप लगाया था कि नीतीश कैबिनेट में अनुभवी लोगों को नहीं लिया गया है. इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी के ऊपर यह भी आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा नेता बिहार में पार्टी को चला रहे हैं और यहां आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसा हाल हो जाएगा.
ज्ञानू की नाराजगी सामने आने के बाद बीजेपी के नेताओं ने चुप्पी साध रखी थी, लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जयसवाल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि मंत्री पद को लेकर सबकी अपनी महत्वाकांक्षा है. हर कोई मंत्री बनना चाहता है लेकिन हकीकत यह है कि कुछ चुनिंदा लोगों को ही मंत्री बनाया जा सकता है. जायसवाल ने कहा कि यह सब कुछ परिवार के अंदर का मामला है और इसे ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं.
बता दें कि नीतीश कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराज भारतीय जनता पार्टी के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कैबिनेट में जिन चेहरों को शामिल किया गया है उससे क्षेत्रीय और सामाजिक समानता जाहिर नहीं हो रही. कैबिनेट में ऐसे अनुभवहीन चेहरों को शामिल किया जा रहा है जिनके पास सरकार चलाने का अनुभव नहीं है. बिहार कैबिनेट में कभी सुशील कुमार मोदी शामिल हुआ करते थे, उनके अनुभव और नेतृत्व में पार्टी के दूसरे मंत्री सरकार के कामकाज को बखूबी चलाते थे, लेकिन आज सुशील मोदी भी कैबिनेट में शामिल नहीं है.