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सृजन में बेतहाशा पैसे लूटने वाली ADM पर बड़ी कार्रवाई, ED ने जब्त की 6.85 करोड़ की संपत्ति, 42 बैंक खातों में था ये सारा माल

सृजन में बेतहाशा पैसे लूटने वाली ADM पर बड़ी कार्रवाई, ED ने जब्त की 6.85 करोड़ की संपत्ति, 42 बैंक खातों में था ये सारा माल

25-Oct-2021 03:49 PM

PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर बिहार से जुड़ी हुई सामने आ रही है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है. भागलपुर जिले के सृजन घोटाला मामले में बेतहाशा पैसे बटोरने वाली तत्कालीन एडीएम जयश्री ठाकुर की 6.85 करोड़ की संपत्ति को ईडी (Enforcement Directorate) ने जब्त कर लिया है. पूर्व एडीएम जयश्री ठाकुर पर जमीन अधिग्रहण की आड़ में गलत तरीके से करोड़ों रुपये की कमाई करने का आरोप है.


प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व अपर जिलाधिकारी जयश्री ठाकुर की 6.85 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया गया है. बताया जा रहा है कि पूर्व एडीएम जयश्री ठाकुर के 42 बैंक खातों, 16 जमीन, एक फ्लैट और 15 इंशोरेंस पालिसी को जब्त किया गया है. इनके ऊपर पीएमएलए, 2002 एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.


आपको बता दें कि 2017 के अगस्त माह में पहले सृजन घोटाला के खुलासा और फिर आरोपियों में जयश्री का नाम आने के बाद उन्हें नौकरी (सरकारी सेवा) से बर्खास्त किया गया था. साल 2013 में ईओयू ने जयश्री के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था. साथ ही उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. जांच में पता चला कि ठाकुर ने सरकार को दी गई जानकारी में भी संपत्ति की असलियत छिपाई है. गौरतलब हो कि साल 2003 से 2014 के बीच हुए करीब एक हजार करोड़ से अधिक का सृजन घोटाला हुआ था. 


आपको बता दें कि पूर्व एडीएम जयश्री ठाकुर ने जमीन अधिग्रहण की आड़ में गलत तरीके से करोड़ों रुपए कमाई थी. खासकर बांका में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान जयश्री ठाकुर ने जमकर धांधली की थी. इस कड़ी में विशेष तरीके से जमीन के जरिए करोड़ों की कमाई की गई. दरअसल जमीन अधिग्रहण होने से कुछ समय पहले जयश्री संबंधित एरिया की जमीन स्थानीय लोगों से आैने-पौने कीमत पर खरीद लेती थी. बाद में सरकार द्वारा अधिग्रहण के समय उसी जमीन की 10 गुनी अधिक कीमत हासिल कर लेती थी.


सृजन घोटाले के खुलासे से काफी पहले ही ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने तत्कालीन भू अर्जन पदाधिकारी जयश्री ठाकुर के भ्रष्टाचार की पोल खोली थी. तफ्तीश में यह हकीकत सामने आने पर तब उनके खिलाफ सरकारी पद के दुरुपयोग का मामला भी दर्ज किया गया था. साथ ही जमीन के जरिए की गई 15 करोड़ से अधिक की काली कमाई भी जब्त की गई थी. सृजन घोटाला में नाम आने से 4 साल पहले ही भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति को लेकर पूर्व एडीएम जयश्री ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा संबंधित महकमों से की गई थी.


आपको बता दें कि जयश्री ठाकुर जिस समय भागलपुर की अपर समाहर्ता थी. उसी समय आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी की थी. छापेमारी में करीब 30 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता चला था. निलंबन के चार साल बाद जयश्री ठाकुर की बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी. 12 और 13 जुलाई 2013 को आर्थिक अपराध इकाई ने बांका के पूर्व जिला भू अर्जन पदाधिकारी सह भागलपुर के तत्कालीन एडीएम जयश्री ठाकुर के भागलपुर, बांका, गोड्डा, पटना आदि समेत अन्य शहरों में स्थित आवास और कार्यालय में एक बार छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान आय से अधिक संपत्ति का मामला प्रकाश में आया था. छापेमारी के 10 दिनों से अंदर सरकार ने जयश्री ठाकुर को निलंबित कर दिया था. निलंबन के दौरान मुख्यालय आयुक्त कार्यालय किया गया था.