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सिग्नेचर नहीं कर पाने वाले बन रहे टीचर, बोले चिराग पासवान ... नीतीश के MP- MLA और अधिकारी सबका फिक्स है रेट

31-Oct-2023 07:48 AM

By First Bihar

DARBHANGA : राज्य में शिक्षक भर्ती के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। यहां बैक डोर एंट्री की जा रही है। ये कहीं से भी बिहार के युवाओं के लिए ठीक नही है। हमारे मुख्यमंत्री की आकांक्षा है कि वह प्रधानमंत्री बने। इसीलिए डोमिसाइल नीति को हटाया गया है। ताकि वह देश भर में दिखाएं कि हमने बिहार में कितने लोगों को रोजगार दिया है। जो मुख्यमंत्री बिहार में बिहार के लोगों को रोजगार नहीं दे पा रहा है,वह देशभर में रोजगार देने का दिखावा कर रहा है। यह बातें लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह जमुई के सांसद चिराग पासवान ने कही है। 


दरअसल, चिराग पासवान  ऑल इंडिया पासवान एकता मंत्र के तत्वावधान में सोमवार को दरभंगा के लहेरिया सराय स्थित प्रेक्षागृह में पासवान स्वाभिमान सम्मेलन में शिरकत  करने पहुंचे थे। जहां पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि - राज्य में डोमिसाइल नीति को हटाया गया यह कहीं से भी उचित नहीं है। जो मुख्यमंत्री बिहार के लोगों को सही ढंग से रोजगार नहीं दे पा रहा है वह दूसरे राज्यों के युवाओं को क्या रोजगार देगा। यकीनन हमारे मुख्यमंत्री को पीएम  महत्वाकांक्षा है। लेकिन यह पूरा नहीं होने वाला है। यह सबकुछ संभवतः आगामी चुनाव को लेकर है। अब  वो चुनाव लड़ते है या नही लड़ते है यह तो देखने वाली बात है। लेकिन, कम से कम मेरी पीढ़ी को तो यह याद नहीं है की मुख्यमंत्री जी ने आखिरी चुनाव कब लड़ा था।


चिराग पासवान ने नीतीश पर जमकर हमला करते हुए कहा कि, ये ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो  बैक डोर से नियुक्ति करवाते हैं। जिस तरह खुद बैक डोर से मुख्यमंत्री बन जाते हैं उसी तरह टीचर भी बैक डोर से बनवा रहे हैं। ये खुद MLC के माध्यम से आते है और मुख्यमंत्री बन जाते हैं। जो मुख्यमंत्री जनता के बीच ना जाता हो। आखरी बार कब इन्होंने लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ा था। दो दशकों में किसी को याद नहीं है। आखिरी बार जब चुनाव दो जगह से लड़े थे उसमें से एक जगह  हार गए थे। इस बात का भी डर शायद उन्हें जरूर होगा।जो मुख्यमंत्री खुद चुनाव ना लड़ते हो ऐसे में जनता के दर्द को वह क्या समझेंगे।


वहीं, नीतीश कुमार के फूलपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा पर चिराग ने कहा कि, संभवत वो उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ सकते हैं। इस पर मेरा कहना है कि हां वह वहां से लड़ सकते हैं। क्योंकि वह बिहार से तो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। क्योंकि उन्हें बिहार में पता है की वह किसी भी सीट से चुनाव लड़े इंक्लूडिंग नालंदा तो वह वहां से भी उनकी जमानत जप्त हो जाएगी। इसलिए बिहार की जनता ने जिसे नाकार दिया हो। तीसरे नंबर की पार्टी बना दिया हो। वह दूसरे राज्यों में जाकर अपना विकल्प जरूर तलाश रहे हैं।


उधर, नीतीश सरकार पर गहरा आरोप लगाते हुए चिराग ने कहा कि, आज आप खुद जाकर देख लीजिए कैसे -कैसे लोगो का बहाल किए गए है। सिग्नेचर तक करना नहीं आता। उनलोगो को नियुक्त किया गया है। जिनको बेहतर नंबर आया है। उसको नही लिया गया है। तो यह दर्शाता है की सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में ही हो रहा है। जो मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम जीरो करप्शन की नीति से चलते हैं। शायद ही इनके अलावा कोई और मुख्यमंत्री होगा। जिन्होंने करप्शन को इतना टॉलरेट किया होगा। भ्रष्टाचार इनके नाक के नीचे होता है और ये आंख बंद करके बैठते हैं। कोई भी अधिकारी हो विधायक हो। विभाग हो सब जगह बैक डोर चैनल खुले हुए हैं।सबका रेट पहले से फिक्स है। अगर आपके पास पैरवी है। आपके पास पहुंच है और पैसा है तो आपको नौकरी मिल जाएगी। अगर यह तीन चीज आपके पास नहीं है। तो आप लाख कोशिश कर रह जाइए। आपकी नौकरी नहीं लगेगी।