RailOne App : अब घर तक छोड़ेगी रेलवे! इस ऐप से टिकट के साथ बुक करें टैक्सी, रेलवे की नई सुविधा ने बदला सफर का तरीका Zomato से खाना मंगवाना हुआ महंगा, हर ऑर्डर पर अब देनी होगी इतनी प्लेटफॉर्म फीस, जानिए ईद पर घर पहुंचा दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम, 6 साल बाद गांव लौटने पर भावुक हुआ परिवार ईद पर घर पहुंचा दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम, 6 साल बाद गांव लौटने पर भावुक हुआ परिवार Income Tax Rules 2026 : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स के नियम! HRA, बच्चों के भत्ते और गिफ्ट पर बड़ा अपडेट, सैलरी वालों को जानना जरूरी बिहार में शराबबंदी का सच: जहरीली शराब पीने से युवक की हालत गंभीर, अब उठ रहा यह सवाल 'मॉडल' पर महाभारत ! भाजपा की भद्द पिटवाने के बाद बैकफुट पर प्रवक्ता, विवाद बढ़ने और JDU से करारा जवाब मिलने के बाद पोस्ट किया डिलीट... दिल्ली पुलिस की बिहार में छापेमारी, पीएम मोदी की AI से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने वाले युवक को दबोचा दिल्ली पुलिस की बिहार में छापेमारी, पीएम मोदी की AI से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने वाले युवक को दबोचा Bihar News : दो मासूमों से छिन गई मां! घर में घुसकर महिला की हत्या, जमीन विवाद बना मौत की वजह
26-Aug-2023 10:24 PM
By RITESH HUNNY
SAHARSA: सहरसा के सिविल सर्जन ने यह ऐलान कर दिया है कि यदि सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वो नौकरी छोड़ देंगे। उन्होंने सहरसा सदर अस्पताल के प्रबंधक और डॉक्टरों पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ये लोग अस्पताल में ठीक से काम नहीं करते हैं। सहरसा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन डॉ० मुकुल कुमार ने कहा कि यहां की व्यवस्था नहीं सुधर सकती। इससे बेहतर है कि वे खुद नौकरी छोड़ दें।
अस्पताल प्रबंधन से परेशान सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उंगली उठाते हुए कहा कि यह सदर अस्पताल बर्बाद हो चुका है जो कभी नहीं सुधरेगा। जो स्थिति यहां की है, उसे देखकर ऐसा लगता है यहां का प्रबंधन किसी काम का नहीं है। अस्पताल प्रबंधक भी किसी काम के नहीं हैं। डॉक्टर ठीक से काम नहीं करते हैं। किसी भी समय ड्यूटी छोड़कर चले जाते हैं।
सिविल सर्जन डॉ. मुकुल कुमार ने कहा कि किसकों क्या बोलें? अस्पताल प्रबंधन में हेल्थ मैनेजर और डीएस भी हैं, वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं। तो अकेले हम सब कुछ नहीं कर सकते। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधक से जाकर पूछिए कि वो क्या कर रहे हैं? उन्हीं लोगों के कारण अस्पताल ठीक से नहीं चल पा रहा है। यहां कुछ लोग काम करना ही नहीं चाहते हैं और हम उससे लड़ भी नहीं सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह अस्पताल और यहां की व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। इसे सुधारने के लिए भगवान को उठाकर नहीं ला सकते हैं। इसीलिए अब हम सक्षम नहीं हैं किसी से कुछ कहने के लिए। अब नौकरी छोड़कर यहां से जा रहे हैं। मुझे नौकरी से विरमित करा दिया जाए। हम खुशी खुशी इसे स्वीकार कर लेंगे। सिविल सर्जन के इस बयान के बाद स्वास्थ्य महकमें में चर्चाओं का बाजार गर्म है।