Bihar News: बिहार में डॉक्टर की लापरवाही से मां और बच्चे की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया भारी हंगामा Bihar News: बिहार में डॉक्टर की लापरवाही से मां और बच्चे की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया भारी हंगामा दाखिल-खारिज से ई-मापी तक 10 सेवाएं ऑनलाइन, जमीन से जुड़ा झंझट होगा खत्म बिहार में स्कूल भवन निर्माण राशि में गड़बड़ी: तीन पूर्व प्रधानाध्यापकों से मांगा गया स्पष्टीकरण, FIR की चेतावनी बिहार में स्कूल भवन निर्माण राशि में गड़बड़ी: तीन पूर्व प्रधानाध्यापकों से मांगा गया स्पष्टीकरण, FIR की चेतावनी Bihar Politics: ‘बिहार बन रहा उद्योगों का हब, 2030 तक एक करोड़ नौकरियों का लक्ष्य’, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा दावा Bihar Politics: ‘बिहार बन रहा उद्योगों का हब, 2030 तक एक करोड़ नौकरियों का लक्ष्य’, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा दावा Bihar Crime News: युवक की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar Crime News: युवक की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar News: दो सगे भाइयों की तालाब में डूबकर मौत, स्नान करने के दौरान हुआ हादसा
12-Oct-2023 07:37 AM
By First Bihar
BUXAR : दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से कामाख्या जाने वाली नार्थ ईस्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने दुर्घटना के तुरंत बाद हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जिसके बाद अधिकारियों की टीम मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, इस जांच के बाद जो सबसे बड़ी जानकारी निकल कर सामने आई है उसके मुताबिक, इस रूट में रेल की पटरियां कहीं जगह टूटी हुई मिली है। पटरियों से छेड़छाड़ की आशंका हो सकती है। हालांकि, अधिकारी यह कहने से अभी साफ बच रहे कि घटना पटरियों के टूटने से हुई या घटना के बाद पटरियां इस तरह से क्षतिग्रस्त हुई। लेकिन मामले में कोई तकनीकी खामी थी, पटरी पर अवरोध था या ट्रेन के गुजरने से पहले पटरी टूटी हुई थी इन सभी बिंदुओं पर एक साथ जांच शुरू हो गई है।
वहीं, अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बक्सर से खुलने के नौ मिनट के बाद नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस पटरियों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिस समय यह हादसा हुआ ट्रेन की रफ्तार 110 से 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थी। यही वजह रही कि हादसे के बाद ट्रेन के एक दो बोगियों को छोड़कर लगभग सभी कोच अप लाइन की पटरी पर आड़े तिरछे जा गिरी।
इसके साथ ही मामले में गार्ड और ड्राइवर ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना रेलवे कंट्रोल को दे दी। इसके बाद ट्रेनों का आवागमन अप और डाउन लाइन पर आनन-फानन में पूरी तरह बंद कर दिया गया। जांच में पहुंचे अफसरों ने पाया कि काफी दूर दूर तक रेलवे पटरियां टूटी हुई हैं। रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल मामले पर किसी तरह की प्रतिक्रिया से इंकार किया है।
उधर, सीपीआरओ वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। मौके पर रेल प्रशासन, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग राहत कार्यो में जुड़े हैं। हादसे की वजह के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी। उच्चस्तरीय कमेटी मामले की जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू हो गई है। घटना पर जोन और रेल मंडल के शीर्ष अधिकारी कैंप कर रहे हैं। अभी पूरा फोकस राहत-बचाव कार्यों पर है। घटनास्थल पर ट्रेनों के डब्बे को उठाना और रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर अफसर और कर्मी जुटे हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अश्वनी चौबे का कहना है कि - फिलहाल इस घटना की क्या वजह है इसकी जांच हो रही है। इसको लेकर हमारी रेल मंत्री से बातचीत हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी सूचना रात में ही फोन कर दे दिया गया है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है जो भी इस मामले में दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
BUXAR : दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से कामाख्या जाने वाली नार्थ ईस्ट के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने दुर्घटना के तुरंत बाद हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जिसके बाद अधिकारियों की टीम मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, इस जांच के बाद जो सबसे बड़ी जानकारी निकल कर सामने आई है उसके मुताबिक, इस रूट में रेल की पटरियां कहीं जगह टूटी हुई मिली है। पटरियों से छेड़छाड़ की आशंका हो सकती है। हालांकि, अधिकारी यह कहने से अभी साफ बच रहे कि घटना पटरियों के टूटने से हुई या घटना के बाद पटरियां इस तरह से क्षतिग्रस्त हुई। लेकिन मामले में कोई तकनीकी खामी थी, पटरी पर अवरोध था या ट्रेन के गुजरने से पहले पटरी टूटी हुई थी इन सभी बिंदुओं पर एक साथ जांच शुरू हो गई है।
वहीं, अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बक्सर से खुलने के नौ मिनट के बाद नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस पटरियों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिस समय यह हादसा हुआ ट्रेन की रफ्तार 110 से 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थी। यही वजह रही कि हादसे के बाद ट्रेन के एक दो बोगियों को छोड़कर लगभग सभी कोच अप लाइन की पटरी पर आड़े तिरछे जा गिरी।
इसके साथ ही मामले में गार्ड और ड्राइवर ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना रेलवे कंट्रोल को दे दी। इसके बाद ट्रेनों का आवागमन अप और डाउन लाइन पर आनन-फानन में पूरी तरह बंद कर दिया गया। जांच में पहुंचे अफसरों ने पाया कि काफी दूर दूर तक रेलवे पटरियां टूटी हुई हैं। रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल मामले पर किसी तरह की प्रतिक्रिया से इंकार किया है।
उधर, सीपीआरओ वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। मौके पर रेल प्रशासन, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग राहत कार्यो में जुड़े हैं। हादसे की वजह के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी। उच्चस्तरीय कमेटी मामले की जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू हो गई है। घटना पर जोन और रेल मंडल के शीर्ष अधिकारी कैंप कर रहे हैं। अभी पूरा फोकस राहत-बचाव कार्यों पर है। घटनास्थल पर ट्रेनों के डब्बे को उठाना और रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर अफसर और कर्मी जुटे हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अश्वनी चौबे का कहना है कि - फिलहाल इस घटना की क्या वजह है इसकी जांच हो रही है। इसको लेकर हमारी रेल मंत्री से बातचीत हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी सूचना रात में ही फोन कर दे दिया गया है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है जो भी इस मामले में दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।