ब्रेकिंग न्यूज़

इस बार बिहार दिवस पर क्या होगा खास? कौन-कौन से भव्य कार्यक्रमों की है तैयारी, जानें Patna Ara accident : तेज रफ्तार कंटेनर ने स्कूल वाहन और ऑटो को रौंदा, 13 घायल; आरा-पटना फोरलेन पर दहशत Instagram पर चैटिंग अब और भी मज़ेदार! AI Voice Effects से बदलें अपनी आवाज़, लेकिन जानें इसका बड़ा सच PAN Card : इस दिन से बदल जाएगा PAN Card बनवाने का तरीका; जानिए क्या होगा बदलाव; आप भी करें अप्लाई राज्यसभा का MP बनते ही इतनी कम हो जाएगी नीतीश कुमार की सैलरी, जानिए CM पद से हटने के बाद किन -किन सुविधाओं में होगा बदलाव Patna LPG Crisis : पटना में LPG संकट पर DM का सख्त रुख, जारी किया 24×7 टोल फ्री नंबर; तीन शिफ्ट में कंट्रोल रूम से होगी निगरानी Bihar school : LPG सिलेंडर नहीं हैं तो क्या हुआ ? एग्जाम के बीच मिट्टी के चूल्हे पर स्कूल में ही 'चिकन' पकाने लगे मास्टर साहब, बाहर गेट पर लात मारते रहे स्टूडेंट रोहतास में भीषण डकैती: 9 हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बनाया, कैश और गहने लूटे BIHAR NEWS : बिहार में राजस्व वसूली पर सख्ती ! एक्शन में विजय सिन्हा, लखीसराय समेत इन जिलों के MDO से शोकॉज , क्यों कम हुई वसूली ? गुरुजी का ‘प्यार’ निकला धोखा! 7 साल तक छात्रा को बहलाया, शादी की बात आई तो बदल लिया रंग, अब केस दर्ज

Home / news / पीके और पवन वर्मा को वशिष्ठ ने दी नसीहत, कहा- पार्टी फोरम में...

पीके और पवन वर्मा को वशिष्ठ ने दी नसीहत, कहा- पार्टी फोरम में होती है गंभीर मुद्दों पर चर्चा

11-Dec-2019 01:22 PM

PATNA : नागरिकता बिल के विरोध में पार्टी के खिलाफ उतरे जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और महासचिव पवन वर्मा को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नाराय़ण सिंह ने नसीहत दी है। उन्होनें कहा कि पार्टी लाइन से हटकर सार्वजनिक बयान देना ठीक नहीं है। गंभीर मुद्दों पर पार्टी फोरम के अंदर चर्चा होनी चाहिए। 

वशिष्ठ नाराय़ण सिंह ने कहा कि अगर पार्टी के किसी फैसले पर किसी को भी आपत्ति हो तो पार्टी फोरम में अपना विरोध दर्ज करवाना चाहिए। सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी स्वस्थ् परंपरा नहीं है। इसका सभी नेताओं को कड़ाई से पालन करना चाहिए।

पार्टी के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी के इस फैसले को निराशाजनक बताया है।प्रशांत किशोर ने ट्वीट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लिखा, "नागरिकता संशोधन विधेयक पर जद (यू) के समर्थन से निराशा हुई है। यह विधेयक धर्म के आधार पर नागरिकता प्रदान करने वाला है, जो भेदभावपूर्ण है।"प्रशांत किशोर यहीं नहीं रुके. उन्होंने पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आगे लिखा, "जद (यू) के द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन पार्टी के संविधान से भी अलग है, जिसमें पहले ही पन्ने पर धर्मनिरपेक्षता शब्द तीन बार लिखा हुआ है।" वहीं पार्टी महासचिव पवन वर्मा ने भी सार्वजनिक तौर पर पार्टी से बिल के समर्थन पर पुनर्विचार की मांग की है।

वहीं पार्टी का बड़ा मुस्लिम चेहरा और विधान पार्षद गुलाम रसूल बलियावी ने भी 'लेटर बम' फोड़ा है।बलियावी ने नागरिक संशोधन बिल पर पार्टी के स्टैंड पर विरोध करते हुए कहा कि नीतीश कुमार और जेडीयू ने जो निर्णय लिया है उसे गंभीरता से पुनर्विचार करने की आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि पूरे देश और विशेषकर बिहार झारखंड बंगाल एवं असम से आम लोगों को बराबर दबाव आ रहा है कि आपके नेता की पहचान सही को सही और गलत को गलत करने की रही है।