Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश
06-Nov-2020 07:06 PM
PATNA : प्रवर्तन निदेशालय यानि ED ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पूर्व अधीक्षक ओमप्रकाश चौधरी की लगभग सवा तीन करोड़ रूपये की संपत्ति जब्त कर ली है. ओमप्रकाश चौधरी पीएमसीएच में दवा घोटाले के आरोपी रहे हैं. उन्होंने देश के कई शहरों में अकूत संपत्ति अर्जित की थी. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें जब्त कर लिया है. ओम प्रकाश चौधरी जेडीयू के एक प्रमुख नेता के निकट संबंधी हैं.
ईडी ने आज कार्रवाई करते हुए ओम प्रकाश चौधरी की पटना, गाजियाबाद समेत देश के कई शहरों में फ्लैट और गाड़ियों को जब्त किया है. जब्त की गयी संपत्ति की कुल कीमत तीन करोड़ 14 लाख रूपये है. ओम प्रकाश चौधरी उर्फ ओपी चौधरी पर 2008-09 और 2009-10 में पीएमसीएच में दवा और अन्य उपकरणों की खरीद में भारी घोटाला करने का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय उनसे पहले भी पूछताछ कर चुका है. जिसमें वे अपनी संपत्ति से संबंधित जानकारी सही तरीके से नहीं दे पाये थे.
ओपी चौधरी का घोटाला
2008 से 2010 के बीच पीएमसीएच में दवा खरीद के टेंडर में भारी घोटाला हुआ था. राज्य के निगरानी विभाग ने इस संबंध में छानबीन के बाद तत्कालीन अधीक्षक ओम प्रकाश चौधरी समेत 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. बाद में ईडी ने भी मामले की जांच करते हुए आरोपियों की संपत्ति की पड़ताल शुरू कर दी. ईडी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की है. इस मामले में ओपी चौधरी के अलावा तीन ड्रग इंस्पेक्टर अशोक कुमार यादव, संगीता कुमारी , नेफ्रोलॉजी विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष रहे डॉ. विनोद कुमार सिंह के साथ साथ पीएमसीएच के कई अन्य कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था.
निगरानी विभाग की जांच में पता चला कि दवा खरीद के टेंडर में भारी हेराफेरी की गयी थी. कम कीमत की दवा को ज्यादा दाम पर खरीदने के लिए टेंडर में ही धांधली कर दी गयी थी. दवा टेंडर 12 करोड़ रूपये का था. 2016 में ईडी ने आरोपियों की संपत्ति की जांच शुरू की थी, जिसके आधार पर आज कार्रवाई की गयी.