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05-Nov-2021 08:07 PM
PATNA : बिहार में शराबबंदी के बावजूद भी शराब से हो रही लगातार मौतों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज आनन-फानन में हाई लेवल मीटिंग बुलाई। मुख्यमंत्री ने शराबबंदी की उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए जो बैठक बुलाई थी उसमें विभागीय मंत्री सुनील कुमार के साथ-साथ राज्य के चीफ सेक्रेट्री त्रिपुरारी शरण, डीजीपी एसके सिंघल के अलावे अन्य अधिकारी मौजूद रहे। घंटों चली इस बैठक के बाद जो नतीजा निकला वह बिल्कुल उसी तरह था जैसा पहले की बैठकों में देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान एक बार फिर से शराबबंदी को कमजोर करने के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री पहले भी इस तरह के निर्देश देते रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि जहरीली शराब या फिर शराब की सप्लाई से जुड़े मामलों में अब तक केवल छोटे अधिकारियों पर भी गाज गिरती रही है। सरकार ने आज तक किसी भी बड़े अधिकारी के ऊपर हाथ नहीं डाला।
आज की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर शराबबंदी को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लोग भी शराबबंदी को कमजोर करने में लगे हैं उनकी पहचान कर एक्शन लिया जाए। इसके अलावे विभाग और पुलिस मुख्यालय हर दूसरे दिन शराबबंदी की समीक्षा करेगा। हाल के दिनों में जहां-जहां मौतें हुई वहां दोषियों की पहचान करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। इसके अलावे मुख्यमंत्री ने जागरूकता अभियान में तेजी लाने का भी निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शराबबंदी के पक्ष में सरकारी कार्यालयों, सरकारी आवासों समेत अन्य जगहों पर दीवार के ऊपर प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार छठ महापर्व के बाद 16 नवंबर को शराबबंदी पर विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पूरा ब्लूप्रिंट लेकर अधिकारियों को आने के लिए कहा गया है। दरअसल नीतीश सरकार की लगातार फजीहत हो रही है। बिहार में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से हो रही मौतों के कारण सरकार बैकफुट पर है। आज की समीक्षा बैठक के खास बात यह रही कि अब पुलिस मुख्यालय और मद्य निषेध विभाग के बीच हर दूसरे दिन बैठक होगी।