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14-Sep-2022 05:50 PM
PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मीडिया के सामने लगातार कोस रहे प्रशांत किशोर मंगलवार की रात नीतीश के आवास पर पहुंचे थे। खुद नीतीश कुमार ने इसकी पुष्टि कर दी है। नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर मुझसे मिलना चाह रहे थे इसलिए आय़े थे। कोई खास बात नहीं हुई। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही नीतीश कुमार ने कहा था कि प्रशांत किशोर को बिहार की एबीसी नहीं मालूम है। इसके बाद प्रशांत किशोर मीडिया में इंटरव्यू देकर नीतीश कुमार को जी भर के कोस कर रहे थे लेकिन अचानक यू टर्न मार कर नीतीश से मिलने पहुंच गये। चर्चा यही है कि प्रशांत किशोर अपने जन सुराज अभियान को फेल होते देख फिर से नीतीश के लिए रणनीति तैयार करने का काम देख सकते हैं।
बता दें कि आज सुबह ही ये खबर आय़ी थी कि प्रशांत किशोर मंगलवार की रात नीतीश कुमार के घर जा कर उनसे मिले थे. फर्स्ट बिहार ने सबसे पहले ये खबर आप तक पहुंचायी थी. इस खबर के फैलने के बाद एक न्यूज चैनल पर प्रशांत किशोर की ओर से खबर का खंडन चलाया गया था. न्यूज चैनल के मुताबिक प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार से मुलाकात की खबर को पूरी तरह गलत बताया है. लेकिन अब खुद नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया है कि प्रशांत किशोर उनसे मिलने आये थे।
क्या कहा नीतीश ने?
नीतीश ने आज मीडिया के सामने स्वीकारा कि प्रशांत किशोर मिलने के लिए आये थे. नीतीश बोले-वे क्यों आये थे, उन्हीं से जाकर पूछ लीजिये. दरअसल पवन वर्मा ने एक बार फोन किया था कि वे मुझसे मिलना चाहते थे. पवन वर्मा मिलने के लिए तो उनसे बात हुई. बाद में पवन वर्मा ही प्रशांत किशोर को लेकर मेरे घर आये।
नीतीश कुमार बोले-किसी आदमी से मिलने में मुझे क्या दिक्कत है. अगर कोई आदमी हमसे कहेगा कि हम मिलेंगे तो हम उससे काहे नहीं मिलेंगे. मीडिया ने सवाल पूछा कि क्या प्रशांत किशोर आपके साथ फिर से आयेंगे क्या. नीतीश ने कहा-हम आप लोगों से कहेंगे कि उन्हीं से बात कर लीजिये कि वे क्या चाहते हैं. मैंने अपनी ओर से ऐसी कोई बात उनके सामने नहीं रखी है. वे मिलना चाहते थे इसलिए मुलाकात हुई।
क्या जन सुराज अभियान की नाकामी से घबराये प्रशांत किशोर
सवाल ये उठ रहा है कि प्रशांत किशोर दो दिनों पहले तक जिस नीतीश कुमार को पानी पी-पी कर कोस रहे थे, उनके ही घर डिनर पर कैसे पहुंच गये. बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार में जनसुराज अभियान चला रहे हैं. 2 अक्टूबर से उनकी पदयात्रा शुरू होने वाली है और उससे पहले वे बिहार के हर जिले में जाकर लोगों से मिल रहे हैं. इस दौरान वे लगातार नीतीश कुमार पर हमला करते रहे हैं।
नीतीश ने जब बीजेपी से पल्ला झाड़ कर राजद का दामन थामा तो प्रशांत किशोर ने कहा कि लिखकर ले लीजिए कि नीतीश फिर से पलटी मारेंगे. प्रशांत किशोर ये भी कह चुके हैं कि नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी के सामने 90 डिग्री झुककर प्रणाम करते रहे हैं. पीके का एक और बयान चर्चित हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि फेवीकॉल को नीतीश कुमार को अपना ब्रांड एम्बेसडर बना लेना चाहिये क्योंकि नीतीश कुमार को कुर्सी से चिपकने में महारथ हासिल है. इन तमाम बयानबाजी के बाद प्रशांत किशोर की नीतीश से मुलाकात कुछ और ही कहानी कह रही है।
सियासी जानकार बता रहे हैं कि प्रशांत किशोर को ये अंदाजा हो गया है कि बिहार में उनका कोई अभियान सफल नहीं होने वाला है. अभी वे जन-सुराज अभियान चला रहे हैं. इससे पहले उन्होंने बात बिहार की अभियान चलाया था. उससे लाखों युवाओं को जोड़ने का दावा किया गया था. लेकिन प्रशांत किशोर बात बिहार की अभियान को बीच में ही छोड़ कर भाग निकले. इसके लिए बकायदा ऑफिस खोले गये थे औऱ कुछ ही दिनों में उस पर ताला लटक गया था. सियासी जानकारों के मुताबिक कमोबेश वही हालत जनसुराज अभियान की भी होने वाली है. तभी प्रशांत किशोर नीतीश के दरवाजे पर पहुंचे हैं. प्रशांत किशोर एक बार फिर पलटी मार लें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिये।