ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को 36 घंटे में बचाया, ट्रम्प बोले- इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू CM नीतीश के स्वागत में बवाल: BJP-JDU विधायकों को अंदर जाने से रोका, सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक छापेमारी के दौरान मदरसा से हथियार बरामद, मौलवी सहित 3 को पुलिस ने दबोचा पश्चिम बंगाल विस चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आरा में पैसे के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, युवक की हालत गंभीर बड़े भाई की हत्या का बदला लेने के लिए खुद पर चलवाई गोली, 3 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा बीच सड़क पर रील बनाना पड़ गया महंगा, पुलिस ने कर दी पिटाई, युवक को गाड़ी में जबरन बिठाते वीडियो वायरल पटना में NMCH क्लर्क के घर दिनदहाड़े चोरी, 35 लाख के जेवरात ले उड़े चोर दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
30-Dec-2021 08:40 AM
PATNA : आने वाले साल में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है. जी हां बिहार की बिजली कंपनियों साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली कीमतों में इजाफे का प्रस्ताव दिया है जिस पर 13 जनवरी से जन सुनवाई शुरू हो जाएगी. खास बात यह है कि शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अब दो स्लैब में बिजली की कीमतें वसूली जाएंगी फिक्स चार्ज में 10 फ़ीसदी और बिजली दरों में 15 पीस दी वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है.
आपकों बता दें 2019 तक चार स्लैब थे. जिसे 2020 में घटाकर 3 स्लैब कर दिए गए थे. वहीं अब दो स्लैब करने का प्रस्ताव है. शहरी का पहला स्लैव शून्य से 100 यूनिट और दूसरा 101 से अधिक यूनिट का है. और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तीन स्लैव हैं. इन तीनों स्लैव में पहला स्लैव शून्य से 50 यूनिट, दूसरा 51 से 100 यूनिट और तीसरा 101 से अधिक यूनिट का है.
पहली बार उद्योग को राहत देने के लिए राज्य में बिजली कंपनी ने नया स्लैब को तैयार किया है. जहां बड़े उद्योगों को चलाने वाले को एचटीआईएस श्रेणी में रखा जाएगा. जो पहले उद्योग एचटीएस श्रेणी में शामिल था. इसी श्रेणी में मॉल, अस्पताल सहित अन्य बड़े उपभोक्ता शामिल हैं. श्रेणी अलग किए जाने के बाद बड़े उद्योग को राहत देने के लिए अलग से डेटा लेने की जरूरत नहीं होगी.
बता दें लोड फैक्टर में छोटो उद्योग को साउथ बिहार और नॉथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा आयोग को दिए गए प्रस्ताव में राहत दी गई है. जिसमें 30 फीसदी लोड फैक्टर वाले उपभोक्ता को 10 पैसा प्रति यूनिट छूट मिलेगी. अभी 70 फीसदी लोड फैक्टर वाले उपभोक्ताओं को 30 पैसा और 50 फीसदी लोड फैक्टर वालों को 20 फीसदी प्रति यूनिट छूट मिल रही है.