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30-Nov-2021 07:53 AM
PATNA : बिहार के खनन एवं भूतत्व मंत्री जनक राम ने आखिरकार अपने धनकुबेर आप्त सचिव मृत्युंजय कुमार को पद से हटाने का आदेश दिया है. मंत्री ने अपने सरकारी पीए मृत्युंजय कुमार के ऊपर विजिलेंस की नकेल कसने के बाद 29 नवंबर यानी सोमवार को पद मुक्त करने का आदेश दिया है. 2 दिन पहले मृतुंजय कुमार के ठिकानों पर विजिलेंस की स्पेशल यूनिट ने छापेमारी की थी. इस छापेमारी में बड़ी संपत्ति की जानकारी मिली थी जिसके बाद अब मंत्री ने अपने सरकारी पीए से तौबा कर लिया है.
मंत्री जनक राम ने अपनी तरफ से मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को पत्र जारी करते हुए कहा है कि तत्काल प्रभाव से उनके सरकारी आप्त सचिव मृत्युंजय कुमार को पद मुक्त करने के लिए आगे की कार्यवाही की जाए. अब बता दे कि मृत्युंजय कुमार के अलग-अलग ठिकानों पर बिजनेस की तरफ से रेड की गई थी. इसमें स्पेशल विजिलेंस यूनिट को 30 लाख रूपए और सोने की बिस्किट मिले थे. पटना अररिया और कटिहार में छापेमारी के दौरान मृत्युंजय कुमार और उनके भाई धनंजय कुमार के ठिकानों के अलावे मृत्युंजय कुमार की महिला मित्र और पूर्व सीडीपीओ रत्ना चटर्जी के ठिकाने पर भी छापेमारी की गई थी.
मंत्री जनक राम के सरकारी पीए मृत्युंजय कुमार के पास बेशुमार दौलत मिलने के कारण लगातार उनकी किरकिरी हो रही थी. और इसीलिए 2 दिन बाद उन्होंने अपने आप्त सचिव को पद मुक्त करने का फैसला किया.