ब्रेकिंग न्यूज़

BEO साहब तो बड़े चालबाज निकले! फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा युवक से ठग लिए 8 लाख रुपए, अब सच आया सामने तो... Bihar Road Project: सूबे के इस फोरलेन सड़क निर्माण के लिए मिला NOC...910 दिनों में 82 KM सड़क बनेगी शादी का भोज खाने से एक साथ 150 से ज्यादा लोग बीमार, मची अफरा-तफरी RRB NTPC Admit Card 2026 जारी: 16 मार्च से शुरू होगी परीक्षा, ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश पत्र इंडेन का बुकिंग सिस्टम क्रैश, गैस सिलेंडर बुक करना हुआ मुश्किल; देशभर में LPG उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी इंडेन का बुकिंग सिस्टम क्रैश, गैस सिलेंडर बुक करना हुआ मुश्किल; देशभर में LPG उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी तिरंगे के साथ जश्न बना विवाद! हार्दिक पंड्या पर शिकायत, गर्लफ्रेंड के साथ वीडियो पर मचा बवाल Bihar News: LPG की किल्लत को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, ब्लैकमार्केटिंग रोकने के लिए धावा दल गठित Bihar News: LPG की किल्लत को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, ब्लैकमार्केटिंग रोकने के लिए धावा दल गठित Bihar accident news : पोखरा में डूबने से बुजुर्ग की मौत: शौच के बाद हाथ धोने गए थे; पैर फिसलने से हुआ हादसा

लोजपा रामविलास ने बिहार सरकार की रिपोर्ट को नकारा, चिराग ने की मांग..दोबारा हो जातीय गणना

03-Oct-2023 07:22 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार सरकार की ओर से प्रदेश में जातीय गणना कराई गयी थी जिसकी रिपोर्ट अब जारी कर दिया गया है। राष्ट्रपति महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर जातीय गणना की रिपोर्ट प्रकाशित की गयी। जिसे लेकर अब सवाल उठने लगा है। विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इसे हड़बड़ी में किया गया गड़बड़ रिपोर्ट बताया है तो वही लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जमुई के सांसद चिराग पासवान ने इसे राजनीतिक लाभ उठाने का आंकड़ा बताया। 


चिराग पासवान ने कहा कि बिहार सरकार ने जो जातीय गणना कराया और जिस तरह से आंकड़े सार्वजनिक किये गये हैं ये बिहार सरकार की राजनैतिक महत्वकांक्षाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इसमें जिस तरीके से जाति विशेष की आंकड़ो को बढ़ाकर दिखाया गया है और बिहार के ऐसे ही कई अन्य छोटी जातियां है जिनके आंकड़ों को कम दिखाकर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया गया है। 


चिराग ने कहा कि पासवान जाति की आबादी को कम दिखाने का प्रयास किया गया है और ऐसा राजनीतिक लाभ लेने की दृष्टि से किया गया है। लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास बिहार सरकार की इस जातीय गणना को नकारती है और इसे दोबारा कराने की मांग करती है। चिराग ने कहा कि इसमें पारदर्शिता नहीं बरती गयी है। ना तो राजनीतिक कार्यकर्ताओं से इस संबंध में पूछा गया है और ना ही आम बिहारी से ही सवाल पूछे गये हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में चल रही महागठबंधन की सरकार ने राजनीतिक लाभ उठाने के लिए ऐसा किया है। हम चाहते हैं कि जनता के समक्ष सही जानकारी हो। ऐसा तभी होगा जब जातीय गणना के आंकड़े सही हो। अभी जो रिपोर्ट सरकार ने पेश किया है वो गलत है इसलिए फिर से जातीय गणना बिहार में करायी जाए।