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19-Oct-2021 08:12 PM
PATNA : जम्मू कश्मीर घाटी में आतंकियों की तरफ से बिहारियों को निशाना बनाए जाने को लेकर पूरा बिहार उबल रहा है। देशभर में आतंकियों की इस कायराना हरकत की निंदा हो रही है। बिहार में हर किसी का गुस्सा सातवें आसमान पर है। दो दिन पहले अररिया के दो मजदूरों को आतंकियों ने मौत की नींद सुला दिया था। आज उनका पार्थिव शरीर पटना लाया गया। पटना एयरपोर्ट पर बिहार के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद के साथ-साथ पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी और बीजेपी के कई नेता पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे। मजदूरों के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि देकर अपनी संवेदना जताई लेकिन इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी का कोई भी नेता, विधायक और मंत्री एयरपोर्ट नहीं पहुंचा। जिस वक्त मजदूरों का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पर लाया गया उस वक्त नीतीश कुमार मजार पर चादर पोशी कर रहे थे।
दरअसल आज मुसलमानों का त्योहार ईद ए मिलाद उन नबी है। इस मौके पर सीएम नीतीश फुलवारीशरीफ स्थित खानकाह मुजिबिया पहुंचे थे। उन्होंने खानकाह मुजिबिया पहुंचकर यहां मजार पर चादरपोशी की और अमन चैन की दुआ मांगी। नीतीश कुमार ने मुसलमानों के त्योहार पर सबके लिए अपना संदेश भी दिया लेकिन उन्हें उन बिहारियों की याद नहीं आई जिन्हें कश्मीर घाटी में मौत की नींद सुला दिया गया था।
आपको बता दें कि कश्मीर घाटी में बिहारियों के ऊपर हो रहे आतंकी हमलों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी थी। सीएम नीतीश ने कहा था कि वह किसी को बाहर जाने से नहीं रोक सकते लेकिन कश्मीर में बिहारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। कश्मीर में जिन बिहारियों की हत्या की गई उनमें से एक बिहारी का अंतिम संस्कार अपने घर पर इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि उसके परिवार वालों के पास शव को पटना लाने के पैसे नहीं थे। सरकार ने इस मामले में भी कोई पहल नहीं की और अब जिस तरह सीएम नीतीश और उनकी पार्टी के लोगों ने बिहारी मजदूरों का पार्थिव शरीर लाए जाने के वक्त गैरमौजूदगी दिखाई है उसको लेकर आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी तेज हो सकती है।