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10-Nov-2020 09:52 PM
PATNA : बिहार में तेजस्वी यादव को सत्ता से दूर रखने में अहम भूमिका अदा करने वाले ओवैसी ने सरकार गठन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं. ओवैसी ने साफ साफ शब्दों में नहीं कहा है कि वह बिहार में बनने वाली एनडीए सरकार के साथ जाएंगे या फिर विरोध में खड़े रहेंगे. लेकिन ओवैसी ने इतना जरूर कहा है कि बिहार में 5 साल तक उनकी पार्टी ने जो मेहनत की उसका नतीजा उन्हें पांच विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करके मिला है.
ओवैसी ने कहा है कि बिहार चुनाव के बाद वह बंगाल का भी रुख करेंगे. देश के किसी भी राज्य में अगर चुनाव होगा तो उनकी पार्टी वहां अपने संगठन को खड़ा करेगी और जनता ने चाहा तो उनके उम्मीदवारों को जीत भी मिलेगी. ओवैसी ने कहा है कि बिहार में उनको किसी ने गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन उनकी पार्टी के लोग लगातार जमीनी स्तर पर काम करते रहे. ऐसी ने कहा कि उनकी पार्टी को ना केवल मुसलमान बल्कि दलितों का भी वोट सीमांचल में मिला है.
तेजस्वी यादव की हार में ओवैसी के साथ-साथ कांग्रेस का कमजोर कार्ड भी महत्वपूर्ण फैक्टर माना जा रहा है. कांग्रेस ने 70 सीट लेने के बावजूद जो प्रदर्शन किया वह बेहद निराशाजनक रहा. कांग्रेस ने पहले राष्ट्रीय जनता दल पर 70 विधानसभा सीटों पर दावेदारी के लिए दबाव बनाया और फिर बिना समीकरण को समझे हुए कई सीटों पर उम्मीदवार दिए जिसके कारण आरजेडी को भी नुकसान उठाना पड़ा. आपको बता दें कि ओवैसी की पार्टी ने 3 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. जबकि 2 सीटों पर उनके उम्मीदवार अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले काफी आगे चल रहे हैं.