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06-Mar-2023 08:15 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार विधान परिषद के सदस्य सच्चिदानंद राय ईडी के घेरे में आ गए हैं। ईडी द्वारा कोलकाता, सिलीगुड़ी, हावड़ा और आगरा में चिट फंड कंपनियों के ऑफिस खंगालने के बाद अब इसकी जांच बिहार के विधान पार्षद सच्चिदानंद राय तक पहुंच गई है। दरअसल, विधान परिषद के लिए स्थानीय निकाय क्षेत्र छपरा से पिछले साल निर्दलीय चुनाव जीतने वाले सच्चिदानंद राय के घर भी ईडी ने दस्तक दी है।
बताया जा रहा है कि, ईडी ने 794 करोड रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता, सिलीगुड़ी, हावड़ा और आगरा में चिट फंड कंपनियों के दफ्तर खंगाल है उसमें राय भी साझेदार बताए गए हैं। ईडी की टीम पिछले 3 दिनों में लगातार छापेमारी कर रही थी। इस टीम ने पिनकॉन ग्रुप और टाबर इन्फोटेक प्रालि नामक दो कंपनियों के करीब 15 ठिकानों की जांच की थी ईडी कि यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई थी।
मालुम हो कि, सीबीआई और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा इन दोनों चिट फंड कंपनियों पर निवेशकों के क्रमशः 156 करोड़ और 638 करोड़ रुपए की हेराफेरी के आरोप में पहले से दर्ज एफआइआर के आधार पर की है। इन कंपनियों ने ऊंची ब्याज दर और कम अवधि में पैसे दोगुने करने का प्रलोभन देकर निवेशकों से पैसे जुटाए थे। लेकिन जब पैसे वापस करने की बारी आयी तो मुकर गईं।
इधर, ईडी ने जिनके ठिकानों पर रेड डाली उनमें पिनकॉन ग्रुप और टावर ग्रुप के निदेशक मनोरंजन राय, हरि सिंह और लाभार्थी सुभारती बनर्जी, संजय बसु, मीना डे और रमेंदु चट्टोपाध्याय शामिल हैं । इनके साथ ही दूसरे लाभार्थी ईडन इंफ्राप्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों इंद्रजीत डे और सच्चिदानंद राय के ठिकानों को भी ईडी ने सर्च किया। बिहार विधान परिषद के सदस्य सच्चिदानन्द राय की कंपनी रियल एस्टेट, ट्रांसपोर्ट और अन्य कारोबार से जुड़ी है।
आपको बताते चलें कि, इंडियन स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड एंड आशीष ह्वील्स लिमिटेड भी लाभार्थी कंपनी है, जिनके ठिकानों पर ईडी ने रेड की है। ईडी के अनुसार छपेमारी के दौरान दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे डिजिटल सबूत और 1.27 करोड़ की नगदी जब्त की गयी है। सच्चिदानंद राय ने बिहार में बिहार स्टेट ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के साथ साझेदारी में इडेन की लग्जरी बस सेवा भी शुरू हुई थी।