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13-Mar-2022 08:40 AM
DESK : उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद एक बार फिर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठने लगा है. आज शाम चार बजे कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होगी. सीडब्ल्यूसी की यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में होगी. पांच राज्यों में कांग्रेस की करारी हार को देखते हुए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यह बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब कांग्रेस के असंतुष्ट धड़े जी-23 के कुछ नेताओं ने शुक्रवार रात को बैठक की थी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के घर हुई इस बैठक में मनीष तिवारी और अन्य नेता शामिल हुए थे.
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर में कांग्रेस कोई खास कमाल नहीं कर पाई है, वहीं पंजाब में उसने बुरे प्रदर्शन के साथ सत्ता गंवा दी है. उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी, लेकिन कांग्रेस महज दो सीटें ही जीत पाई. राहुल गांधी ने पूरे यूपी चुनाव में बेहद कम प्रचार किया. उसे राज्य में महज 2.4 फीसदी वोट मिला. यूपी की 380 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई.
इधर पंजाब में गुटबाजी और अंतर्कलह में फंसी कांग्रेस को करारी हार झेलनी पड़ी है. आम आदमी पार्टी ने वहां 92 सीटें जीतकर बड़ा धमाका किया है. कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खुद चुनाव हार गए हैं. वहीं उत्तराखंड में एग्जिट पोल में भी कांग्रेस के बीजेपी से कड़ी टक्कर के आसार दिखाई दिए थे. लेकिन नतीजे आए तो कांग्रेस काफी पीछे छूट गई. गोवा में भी कांग्रेस का यही हश्र हुआ. मणिपुर में भी कांग्रेस महज पांच सीटों पर रह गई.
कांग्रेस की हार के बाद केरल के सांसद शशि थरूर समेत कई नेता पहले ही शीर्ष स्तर पर बदलाव की मांग कर चुके हैं. हालांकि कर्नाटक के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और डीके शिवकुमार ने गांधी परिवार के प्रति भरोसा जताया है. हार के बाद यूपी कांग्रेस में भी कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.