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19-Sep-2022 07:14 PM
NALANDA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा का हाल देखिये। जहां बिहारशरीफ सदर अस्पताल में मरीज कम वार्ड में कुत्ते ज्यादा नजर आते है। जबकि स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा सरकार और विभागीय मंत्री करते हैं। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और नजर आती है।
हम बात कर रहे हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र नालंदा की जहां बिहारशरीफ सदर अस्पताल का हाल बेहाल है। यहां की स्वास्थ व्यवस्था को देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। बिहारशरीफ सदर अस्पताल नालंदा का एकमात्र आईएसओ प्रमाणित अस्पताल है। इस अस्पताल में आने वाले मरीजों की परेशानी सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे। हालांकि यहां की हालत को समझने के लिए यह तस्वीर ही काफी है।
मरीज के परिजन कहते हैं कि बिहारशरीफ सदर अस्पताल में किसी तरह की कोई फैसिलिटी नहीं है। कहीं कोई वार्ड में डॉक्टर नजर नहीं आता है तो कही स्टाफ। यहां ना तो दवा की व्यवस्था है और ना ही बेड की ही व्यवस्था है। गरीब मरीजों के इलाज की यहां कोई सुविधा नहीं है। ना तो मरीजों का इलाज समय पर होता है और ना ही उन्हें दवाई नसीब हो पाती है।
हाल ही में ज़िला प्रशासन और पटना से आए स्वास्थ विभाग की टीम के यहां पहुंची थी। इनके साथ विदेशी टीम भी थी जिसके बीच यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने को लेकर चर्चा हुई। लेकिन आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नसीब नहीं हो पा रही है जिसके कारण लोग निजी क्लीनिक का रुख कर रहे हैं। हद तो यह है कि यहां आने वाले मरीजों को बेड और स्ट्रैचर तक नहीं मिलता है। आवारा कुत्तों ने कई वार्डों को अपना बसेरा बना रखा है। जहां ये कुत्ते दिन रात मस्ती करते है और वार्ड में ही आराम फरमाते है। यकीन ना हो तो फोटो और वीडियो ही देख लीजिए जो बिहारशरीफ सदर अस्पताल की हकीकत को बयां कर रहा है।
जब इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह से बात की गयी और उनकी राय जाननी चाही तो उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक तस्वीर है, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी और जो गार्ड ड्यूटी पर तैनात हैं उनसे जवाब मांगा जाएगा।
गौरतलब है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव बीते 6 सितंबर की देर रात पीएमसीएच पहुंचे थे तब अस्पताल परिसर में खलबली मच गयी थी। अस्पताल का जायजा लेने के दौरान उनकी नजर पीएमसीएच के वार्ड में टहल रहे कुत्तों पर पड़ी। फिर क्या था उन्होंने मेडिकल सुपरिटेंडेंट की मौजूदगी में डॉक्टर्स, नर्स और स्टाफ की क्लास लगा दी। पीएमसीएच कैंपस में दिखे कुत्ते का जिक्र करते हुए उन्होंने सुपरिटेंडेट से कहा था कि एक कुत्ता यहां आपका स्टाफ बाहर नहीं कर सकता है? हम देख रहे हैं कि कुत्ता घुसा हुआ है और हम खड़े होकर तमाशा देख रहे हैं। कोई उस कुत्ता को बाहर करेगा या नहीं? अमूमन इसी तरह की तस्वीर बिहारशरीफ सदर अस्पताल में देखने को मिली है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई हो पाती है।