ब्रेकिंग न्यूज़

अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड

Home / news / बिहार विद्यापीठ की जमीन बेचे जाने का मामला, विधान परिषद की कमिटी को...

बिहार विद्यापीठ की जमीन बेचे जाने का मामला, विधान परिषद की कमिटी को जांच का जिम्मा

02-Nov-2021 07:07 AM

PATNA : बिहार विद्यापीठ की जमीन जालसाजी कर बेचे जाने का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है। बिहार विद्यापीठ की 32 एकड़ जमीन को बेचे जाने और जालसाजी कर उसका दाखिल खारिज कराने के मामले की जांच अब बिहार विधान परिषद की कमेटी करेगी। बिहार विधान परिषद की पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है। परिषद के सचिव विनोद कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।


विधान परिषद की इस कमेटी में कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद मिश्र, आरजेडी के सुनील कुमार सिंह, जेडीयू के नीरज कुमार और डॉ. प्रमोद कुमार शामिल किए गए हैं। विधान परिषद के पिछले सत्र में कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्र ने बिहार विद्यापीठ की 32 एकड़ कीमती जमीन को कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से बेचे जाने का मामला सदन में उठाया गया था। 


रंजन मिश्रा ने आरोप लगाया था कि बिहार विद्यापीठ की जमीन का जालसाजी कर दाखिल खारिज करा लिया गया है। यह मामला सामने आने के बाद परिषद के कार्यकारी सभापति ने सदस्यों की एक विशेष जांच समिति गठित करने और इस कमेटी द्वारा तीन माह के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।